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CBSE 10 th Board : सवाल पूरा नहीं आता तो नो टेंशन, हर स्टेप पर ऐसे अंक लेकर आप भी हो सकते हैें आसानी से पास

शिक्षकों की मानें तो इस मार्किंग स्किम को अगर स्टूडेंट्स समझ कर तैयारी करें तो वे कभी फेल नहीं होंगे। क्योंकि उसमें उत्तर हल करने के हर स्टेप में नंबर

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Nov 04, 2017

cbse

भिलाई. सीबीएसई में इस सत्र से दसवीं की बोर्ड परीक्षा फिर से शुरू हो जाएगी, लेकिन छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर यह है कि उन्हें अगर प्रश्न का उत्तर आधा-अधूरा भी आता है तो उन्हें मार्किंग स्किम के तहत नंबर जरूर मिलेंगे। परीक्षा में छात्र-छात्राएं कई प्रश्नों को इसलिए छोड़ देते हंै कि उन्हें उसका पूरा उत्तर नहीं पता होता।

बोर्ड परीक्षा में स्टेप बाई स्टेप नंबर दिए जाते हैं, इसकी जानकारी बच्चों को कम ही होती है। सीबीएसई बोर्ड ने परीक्षा के डर को भगाने वेबसाइट पर सेंपल पेपर जारी किया है ताकि बच्चे सभी प्रश्नों के उत्तर के हर स्टेप में मिलने वाले अंकों के बारे में जान पाएं।

मिलेगा फायदा
शिक्षकों की मानें तो इस मार्किंग स्किम को अगर स्टूडेंट्स समझ कर तैयारी करें तो वे कभी फेल नहीं होंगे। क्योंकि उसमें उत्तर हल करने के हर स्टेप में नंबर होते हैं। खासकर गणित, साइंस जैसे विषयों में फार्मूले और थ्योरी में यूनिट, प्वाइंट पर अलग-अलग नंबर दिए जाते हैं।

करीब आठ साल बाद होने जा रही दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 20 अंक का प्रैक्टिकल और 80 अंकों की थ्योरी होगी। एक्सपर्ट की मानें तो अगर कोई कमजोर छात्र भी मार्किंग स्किम को समझकर तैयारी करें तो वह आसानी से कम तैयारी में भी पासिंग माक्र्स पा सकता है।

10 हजार छात्र
ट्विनसिटी में करीब 35 से ज्यादा सीबीएसई स्कूल है जिसमें दसवीं और बारहवीं बोर्ड के करीब 10 हजार से ज्यादा छात्र है जो परीक्षा में शामिल होंगे। मार्किंग स्किम के सेंपल पेपर का फायदा इन सभी को आसानी से मिल सकेगा। प्रिंसिपल श्री शंकराचार्य विद्यालय हुडको राजकुमार शर्मा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में फेल होना ही कठिन है क्योंकि किसी छात्र ने आधा-अधूरा उत्तर भी लिखा है तो उसके नंबर उसे जरूर मिलते हैं।

कुछ नंबर प्रैक्टिकल में मिलते हैं और दोनों को मिलाकर वह पास जरूर हो जाता है। स्कूल में अक्सर बच्चों को मार्किंग स्किम के बारे में बताया जाता है पर वे उसे ध्यान नहीं देते। अगर वे सेंपल पेपर में दिए स्टेप बाई स्टेप के नंबर को समझ पाएंगे तो परीक्षा में कभी प्रश्नों को बिना हल किए वापस नहीं लौटेंगे।