
भिलाई. प्रदेश के तीन बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज समूहों को अपने कॉलेजों के नाम बदलने होंगे। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने हाल ही में सर्कुलर जारी कर कहा है कि ट्रस्ट व सोसाइटी एक ही नाम से कई कॉलेजों का संचालन कर रही है। इससे विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति बनती है। एक ही नाम का कॉलेज होने की वजह से एडमिशन के वक्त भी कई तरह की दिक्कतें सामने आती हैं।
अब आपको यह जान लेना चाहिए कि प्रदेश में बीआईटी, रूंगटा समूह इस सर्कुलर के दायरे में आ रहे हैं। बीआईटी ट्रस्ट ने तो जल्द से जल्द इस पर निर्णय लेने की बात भी कही है। जबकि रूंगटा समूह के आरसीईटी कॉलेज को लेकर ट्रस्ट की भूमिका तय की जा रही है। रूंगटा समूह के मुताबिक आरसीईटी रायपुर और भिलाई दोनों जगह एक ही नाम से संचालित होते हैं, लेकिन इनको चलाने वाली सोसाइटी अलग-अलग हैं। हालांकि रूंगटा ग्रुप के संचालकों ने यह तर्क दिया है, लेकिन एआईसीटीई के रिजनल अधिकारी इस पर समान राय नहीं रखते।
इसलिए पड़ी नाम बदलने की जरूरत
एआईसीटीई ने यह नियम पहले से ही तय किया है, लेकिन कॉलेज संचालकों ने इसे खास तवज्जों नहीं दी। अब परिषद ने कड़ा रुख अपनाते हुए कॉलेजों के नाम बदलने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। एआईसीटीई ने कहा है कि पंजीकृत ट्रस्ट व सोसाइटियां तकनीकी संस्थाएं चलाने के लिए एक ही जैसे नाम व शैली का अनुमोदन ले लेती है, जिससे जन सामान्य में दुविधा पैदा हो रही है।
इस समस्या को समाप्त करने के क्रम में परिषद ने पहले से विद्यमान संस्था के नाम से संचालित अन्य के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय ले लिया है। परिषद ने स्पष्ट कहा है कि इस नियम का पालन दायरे में आने वाली संस्थाओं को करना ही होगा। भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानि बीआईटी दुर्ग में संचालित है, लेकिन इसी ट्रस्ट का एक और कॉलेज इसी नाम से रायपुर में चलाया जा रहा है। अब ट्रस्ट को नियमों के हिसाब से किसी भी एक कॉलेज के नाम में परिवर्तन करना पड़ेगा। यह परिवर्तन किस तरह से होगा, यह परिषद तय करेगी।
इसके उलट, रूंगटा समूह का आरसीईटी भिलाई कॉलेज जीडीआर एजुकेशन सोसाइटी चलाती है, जबकि इसी नाम का कॉलेज जीडी रूंगटा फाउंडेशन रायपुर में संचालित कर रहा है। दोनों की सोसाइटी अलग-अलग है, लेकिन कॉलेज का नाम एक सा। कॉलेज ने तो अपना पक्ष सामने रख दिया है, लेकिन अब देखना होगा कि परिषद इस पर क्या निर्णय लेगी। बीआईटी ट्रस्ट आईपी मिश्रा ने बताया कि हमें इसकी जानकारी मिली है। ट्रस्ट निर्णय लेगा। फिलहाल नाम परिवर्तन के बारे में कुछ नहीं सोचा है। नियम का पालन किया जाएगा।
रजिस्ट्रार सीएवीटीयू डीएन सिरसांत ने बताया कि बीआईटी सोसाइटी को रायपुर या भिलाई दोनों में से किसी एक इंजीनियरिंग कॉलेज के नाम में बदलाव करना पड़ेगा। रूंगटा समूह के आरसीईटी कॉलेज के ट्रस्ट अलग हंै, लेकिन नाम एक। यह परिषद का फैसला है। निर्णय भी वहीं से होंगे। विवि को इसकी सूचना दी गई है। डायरेक्टर संतोष रूंगटा गु्रप सोनल रूंगटा ने बताया कि एआईसीटीई का यह नियम पहले से लागू है। हमारे कॉलेज नाम जरूर एक है, लेकिन सोसाइटी अलग-अलग हंै। इसलिए आरसीईटी इस दायरे में नहीं आएगा।
Published on:
07 Nov 2017 10:45 am
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