
भिलाई. कुरुद की शासकीय जमीन से कब्जाधारियों के खिलाफ नगर पालिक निगम और राजस्व विभाग की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई शुरु कर दी। नालंदा पब्लिक स्कूल भवन को तोडऩे के निगम की टीम जेसीबी लेकर पहुंची। जहां सबसे पहले स्कूल के पिल्हरों को ढहाया गया। तोडफ़ोड़ की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई।
एक दिन पहले हटाया था ग्रील और गेट
नालंदा पब्लिक स्कूल पर कार्रवाई करते हुए निगम की टीम ने एक दिन पहले स्कूल के सामने लगे गेट और ग्रील को उखाड़ दिया था। वहीं तीन मंजिला भवन के लिए हाईड्रा नहीं मिलने की वजह से टीम स्कूल भवन के प्रवेश द्वार और ग्रील को उखाडऩे के बाद लौट गई।
भिलाई नगर तहसीलदार की ओर से दी गई चेतावनी के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने भवन के खिड़की, दरवाजा, ग्रील,गेट को हटाना शुरू कर दिया था। सोमवार की सुबह १० बजे तक भवन को ढहाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इसलिए उठ रहा बड़ा सवाल
१. सुप्रीम कोर्ट, जबलपुर हाईकोर्ट की डबल बेंच और हाईकोर्ट बिलासपुर ने श्यामा बाई सहित चार लोगों की कुरुद के जिस खसरे की जमीन को खारिज किया है। उसी खसरे की जमीन पर हाउसिंग बोर्ड ने पांच लोगों को प्लॉट आवंटित किया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि हाउसिंग बोर्ड ने मध्य प्रदेश शासन से उस जमीन को कब खरीदा? किस खसरा नंबर की जमीन को शासन ने हाउंसिग बोर्ड को आवंटित किया।
२. हाउसिंग बोर्ड और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के ले आउट को लेकर दूसरा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर हाउसिंग बोर्ड को कॉलोनी के सर्विस रोड के बाहर पूर्व दिशा में बोर्ड ने केवल पांच लोगों को ही प्लाट कैसे आवंटित किया है। क्योंकि हाउसिंग बोर्ड ने जिस जमीन को आवंटित किया है। उसके सामने भी शासकीय जमीन है। त्रिभुजाकार पांच प्लाट के बाद पीछे भी शासकीय जमीन है।
Published on:
08 Jan 2018 02:28 pm
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