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पहले घर तोड़ा, अब भेज दिया नर्क में, अच्छे दिन के आशियाने का ऐसा है बुरा हाल

नगर पालिक निगम प्रशासन के जिम्मेदारों की उदासीनता की वजह से खुर्सीपार केनाल रोड के प्रभावितों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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भिलाई

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Dakshi Sahu

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Updated: 3 Jun 2018, 4:04 PM IST

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पहले घर तोड़ा, अब भेज दिया नर्क में, अच्छे दिन के आशियाने का ऐसा है बुरा हाल

भिलाई . नगर पालिक निगम प्रशासन के जिम्मेदारों की उदासीनता की वजह से खुर्सीपार केनाल रोड के प्रभावितों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम ने फरवरी में खुर्सीपार केनाल रोड के प्रभावितों को आम्रपाली वनांचल सिटी में निर्मित प्रधानमंत्री आवास में मकान आवंटित किया। लेकिन कई आवासों में अभी भी पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का अब भी अभाव है।

सीपेज की भी समस्या है। मुख्य सड़क पर कीचड़ फैला हुआ है। इसके कारण लोगों को सामान शिफ्ट करने में दिक्कत हो रही है। महापौर देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त केएल चौहान दोनों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

कार्रवाई से पहले ध्यान दिए होते तो यह नौबत नहीं आती। शनिवार को आम्रपाली में गहमागहमी की स्थिति रही। लोग खुर्सीपार से अपने संसाधनों पर सामान लेकर पहुंचते रहे। आवास की स्थिति को देखकर नाराजगी भी जताई।

महापौर और नेता प्रतिपक्ष अब पहुंचे जायजा लेने
नेता प्रतिपक्ष रिकेश सेन और पार्षद पीयूष मिश्रा आम्रपाली पहुंचे। उन्होंने आवासों का जायजा लिया और लौट गए। फिर शाम को महापौर देवेन्द्र यादव, भवन अनुज्ञा प्रभारी डॉ दिवाकर भारती पहुंचे। व्यवस्थापित परिवारों से मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनी।

महापौर ने निगम आयुक्त केएल चौहान को पानी, बिजली की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। प्रभावित लोगों को सामान ऊपर तक पहुंचाने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने कहा। ठेकेदार से चर्चा कर पाइप लाइन और बिजली को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

आपस में उलझे अलॉटी
अमर भगत सिंह और कुसुम बाई का आवास को लेकर आपस में ही विवाद हो गया। दरअसल ब्लॉक-५ के आवास-१२ अमर को अलॉट हुआ है। शुक्रवार को जब सामान लेकर पहुंचे। तब वह आवास कम्लीट नहीं हुआ था। उन्होंने कर्मचारियों के कहने पर ब्लॉक -२ आवास-१६ में सामान शिफ्ट किया। दोपहर बाद मकान मालिक कुसुम बाई सामान लेकर पहुंच गई। इस वजह से दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनीं। बाद में सुलह हो गई।

एक नजर में केनाल रोड के प्रभावित
५१९ लोग प्रभावित होंगे केनाल रोड निर्माण से।
१३७ लोगों को आवास आवंटित किया जा चुका है।
२३ परिवार आवास में शिफ्ट हो गए हैं।
२१ लोगों को आवास आवंटित नहीं किया गया है बैरागी मोहल्ला के। आवंटन के बाद ही इनका आवास तोड़ेंगे।
३८२ में से ६० लोगों की दुकान हैं। निगम को व्यवस्थापन नीति के अनुसार निर्णय लेना है।
३२२ लोगों के मकान व दुकान तोडफ़ोड़ से आंशिक रूप से प्रभावित होंगे।

तोडफ़ोड़ कार्रवाई से प्रभावित एकलाक ने बताया कि हम रोड निर्माण का विरोध नहीं कर रहे हैं। हम स्वेच्छा से आम्रपाली में आवंटित प्रधानमंत्री आवास में जाना चाहते हैं, लेकिन अधिकारियों ने आवास को खाली करने का मौका नहीं दिया। ब्लॉक नंबर-३ में आवंटित आवास की चाबी के लिए तीन बार गए। चाबी ही नहीं दी।

त्रिवेणी बाई ने बताया कि नलों में पानी नहीं आ रहा है। दो दिन पहले आवास को देखने आए थे। तब अधिकारियों को ठीक कराने कहा था। सप्लाई लाइन को सुधरवाने की बजाय टैंकर भेज दिया। बाल्टी से तीसरी मंजिल तक पानी ले जाना पड़ रहा है।

व्यवस्थापन के नाम पर मजाक किया जा रहा है । ऐसा कहना है नरसम्मा का है। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी की सुविधा नहीं है। यहांं रहने के लिए कह रहे हैं। ४-५ दिनों में सीढिय़ों में टाइल्स, बिजली कनेक्शन और स्वीच बोर्ड लगाने के बाद फिर अपने आवास में सामान शिफ्ट करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।