
पुलिस की छापेमारी से मची खलबली, मोबाइल दुकान से 9 लाख के डुप्लीकेट पार्ट्स और एसेसिरीज जब्त
भिलाई. शहर में महंगे व ब्रांडेड मोबाइल के डुप्लीकेट पाट्र्स और एसेसिरीज धड़ल्ले से खपाए जा रहे हैं। इसका खुलासा शनिवार की देर शाम आकाशगंगा की मोबाइल दुकानों में एप्पल और बीट कंपनी के अधिकारियों के साथ पुलिस की छापेमारी में हुआ। पांच दुकानों से करीब 9 लाख रुपए की नकली सामग्रियां जप्त की गई है।
पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी के चलते शहर के सभी मोबाइल दुकानदारों में खलबली मच गई। कई लोग अपनी दुकानों का शटर गिराकर भागते नजर आए। फिलहाल पुलिस ने चार दुकानदारों को हिरासत में लिया है। देररात तक विवेचना जारी है। इसके बाद सभी के खिलाफ कॉपी राइट एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
शहर के मोबाइल शॉप संचालक कंपनियों के उत्पादों के नाम पर ग्राहकों को डुप्लीकेट पार्ट्स और एसेसिरीज देकर लूट रहे हैं। एप्पल और बीट मोबाइल के लिए ब्रांड का काम करने वाली मथुरा रोड दिल्ली स्थित यूनाइटेड ओवरसीज ट्रेड मार्क कंपनी के प्रतिनिधि कवलजीत सिंह और किशन डी मांटीन को जैसे ही इसकी भनक लगी, उन्होंने दुर्ग रेंज पुलिस महानिरीक्षक जीपी सिंह से इसकी शिकायत की।
आईजी के निर्देश पर प्रभारी पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के मार्गदर्शन में एक टीम का गठन किया गया। सुपेला थाना टीआई अमित बेरिया अपने जवानों और कंपनी के अधिकारियों को साथ लेकर कार्रवाई करने आकाशगंगा मार्केट पहुंचे। पुलिस की गाडिय़ों को देखते ही दुकानदारों में हडकंप मच गया। जब क उन्हें समझ आता, कंपनी के अधिकारियों के साथ पुलिस की टीम ने एक साथ चार दुकानों में धावा बोल दिया।
पुलिस ने इन दुकानों में दी दबिश
पुलिस ने श्रीराम मोबाइल के प्रज्ञा, ओम साईं राम मोबाइल के अजय और विक्की मल्होत्रा, नवकार मोबाइल के अमित मालु और केपीएस एसेसिरीज के कल्पेश पुरोहित के खिलाफ धारा ४२० के तहत मामला दर्ज किया है।
मोबाइल के डुप्लीकेट एसेसिरीज बरामद किया। उसकी जब्ती बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
अफसरों ने बताया जब्त सामग्रियां डुप्लीकेटकंपनी के अधिकारियों ने जांच के बाद जब्त पूरी सामग्रियों को डुप्लीकेट बताया। इसके बाद दुकानों से बरामद करीब 9 लाख रुपए के सामान को सील कर पुलिस के मालखाने में जमा करा दिया गया है।
बरामद हुआ यह माल
छापेमारी के दौरान एप्पल कंपनी के बैक पैनल्स, ईयर फोन, यूएसवी केबल्स, यूएसवी बॉक्स, ब्लूएटूथ , अडॉप्टर, बैटरी, बैटरी, चार्जर, हेडफोन, कव्हर, स्पेयर पार्ट्स बरामद किए। जब्त सामानों की कीमत करीब नौ लाख रुपए आंकी गई है। डुप्लीकेट हैंडसेट और एसेसिरीज में भी कंपनी का ही नाम लिखा होगा, लेकिन वह ओरिजनल हैंडसेट की एक तिहाई कीमत पर मिलेंगे। डुप्लीकेट सामग्रियों में भी ओरिजनल की तरह ही वारंटी वाला स्टीकर लगा होगा, लेकिन दोनों के स्थान में फर्क होता है।
डुप्लीकेट हैंडसेट में कंपनियों के ना लिखे होते हैं, लेकिन प्रिंटिंग बहुत खराब रहती है। पिक्चर क्वालिटी, साउंड सिस्टम सभी चीजें ओरिजनल की अपेक्षा काफ ी कमजोर रहती है।ओरिजनल मोबाइल की बैटरी में होलोग्राम लगा रहता है, जिसमें कनेक्टिंग प्युपिल लिखा होता है, जो डुप्लीकेट में नहीं होता। प्रतिनिधि यूनाइटेड ओवरसीज ट्रेड मार्क कंपनी दिल्ली कवलजीत सिंह ने बताया कि शहर में मोबाइल कंपनियों के नकली उत्पाद बिकने की शिकायत पर हमने यहां गुपचुप सर्वे किया।
कई दुकानों में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद आईजी से शिकायत कर कार्रवाई करने का आग्रह किया। आकाशगंगा मार्केट में चार मोबाइल शॉप पर छापे की सूचना शहर के सभी मार्केट के मोबाइल दुकानों तक पहुंच गई। इसके बाद बहुत से मोबाइल दुकानों के संचालकों ने शटर गिरा दी। आकाशगंगा में प्रेस कॉम्प्लेक्स और हिमालय कॉम्प्लेक्स की तरफ दुकानों के संचालक पुलिस की गाड़ी को देखते ही दुकान बंदकर भाग खड़े हुए।
आईजी दुर्ग रेंज जीपी सिंह ने बताया कि मोबाइल कंपनी के अधिकृत व्यक्तियों द्वारा बाजार में उनके प्रोडक्ट के नाम पर डुप्लीकेट सामग्रियां बेचने की शिकायत मिली थी। ब्रांडेड कंपनियों का टैग लगाकर डुप्लीकेट पार्ट्स और एसेसिरीज बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि लोगों के पास ऐसी कोई भी सूचना है तो उसकी शिकायत दर्ज कराएं। शहर में चल रहे इस तरह के फर्जीवाड़े को बंद करना है।
Published on:
17 Jun 2018 10:49 am
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