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यहां दुश्मनों से नहीं सड़क पर इस जंजाल से जूझते हैं सीआईएसएफ जवान

भिलाई स्टील प्लांट के बोरिया गेट चौक में हर दूसरे दिन सुबह के समय जाम की स्थिति बन रही है। इस अव्यवस्था से सीआईएसएफ के चंद जवान जूझते रहते हैं।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Sep 30, 2018

PATRIKA

यहां दुश्मनों से नहीं इंसानों के इस जंजाल से जूझते हैं सड़क पर सीआईएसएफ जवान

भिलाई. भिलाई स्टील प्लांट के बोरिया गेट चौक में हर दूसरे दिन सुबह के समय जाम की स्थिति बन रही है। इस अव्यवस्था से सीआईएसएफ के चंद जवान जूझते रहते हैं। ट्रक चालकों को पार्किंग के लिए बड़ा स्थान दिए जाने के बाद भी सड़क पर एक दूसरे के लिए ट्रक खड़ी कर जाम जैसे हालात बना देते हैं। इस अव्यवस्था को लेकर बार-बार यूनियन नेताओं की ओर से शिकायत की जाती रही है। बावजूद इसके अब तक कोई बदलाव नहीं आया है।

बोरिया गेट पर एक दूसरे के सामने आ गए ट्रेलर
बोरिया गेट से संयंत्र के भीतर जाने के लिए चौक के तीनों रास्तों से भारी वाहन प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान ही ट्रेलर एक दूसरे के सामने हो गए और रास्ता बंद ही हो गया। इसके बाद संयंत्र के भीतर जाने वाले कर्मचारियों को भारी वाहनों के बीच से संभलते हुए गुजरना पड़ा। एक समय तो ऐसा आ गया कि बाइक गुजरने तक रास्ता नहीं बचा।

गेट से भागकर आया जवान
गेट पर मौजूद सीआईएसएफ का एक जवान भागकर आया और उसने अव्यवस्था को दुरुस्त करने प्रयास शुरू किया। अकेले होने की वजह से वह कभी ट्रक चालक के पास जाता, तो कभी पीछे आकर रास्ता बनाने के लिए कोशिश करता।

सड़कों पर नहीं है व्यवस्था बेहतर
बीएसपी दस्तावेजों में सुरक्षा को लेकर बेहद संजीदा है, लेकिन हकीकत में कर्मचारी घर से ड्यूटी के लिएनिकलता है और लौटता है, तब तक असुरक्षित महसूस करता है। बीएसपी के जर्जर आवासों से निकलकर अव्यवस्थित मार्ग से होते हुए वे संयंत्र में काम करने पहुंचते हैं। संयंत्र के बाहर से लेकर भीतर तक कर्मचारी असुरक्षित माहौल में काम कर रहे हैं।

शनिवार को एक कर्मचारी हुआ घायल
बोरिया गेट पर ही शनिवर को एसएमएस-1 में कार्यरत कर्मचारी रामबाबू प्रथम पाली में ड्यूटी कर लौट रहा था। बोरिया गेट के समीप हनुमान मंदिर के समीप आवारा मवेशियों से उसकी बाइक टकरा गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।आनन-फानन में मौजूद कर्मियों ने बेहोश रामबाबू को उठाकर सेक्टर-9 हॉस्पिटल रवाना किया।

इस काम को इंटक के प्रशांत कुमार व एसके पाराशर ने किया। इंटक के इन नेताओं ने विभागीय सुरक्षा अधिकारी विश्वकर्मा से भी इस विषय पर चर्चा की। हॉस्पिटल पहुंचते ही पहले से पहुंचे श्रमिक नेता संजय ढोल, सोम भारती, एके माहोर, के दामोदरन व रघुवीर सिंह आदि पहुंच गए थे।

चौक पर तीनों सड़क पर भारी वाहन
बोरिया गेट चौक में तीन तरफ से भारी वाहन संयंत्र के भीतर जाने संयंत्र के इस गेट के पर आगे बढ़ रहे थे।इसकी वजह से कर्मियों को जद्दोजहद करना पड़ रहा था। भारी वाहन चालक एक दूसरे से पहले आगे जाने की कोशिश में जुटे थे, इस बीच वे बाइक वालों को नजर अंदाज कर रहे थे। इसकी वजह से दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।

15 हजार कर्मचारी जाते हैं इस गेट से
बीएसपी के बोरिया गेट से करीब 15 हजार कर्मी हर दिन संयंत्र के भीतर काम करने जाते हैं। इस गेट पर इस तरह की जाम की स्थिति बनने से हजारों कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारियों को भी बोरिया गेट समीप पड़ता है, इस वजह से वे इस गेट से ही संयंत्र में प्रवेशकरते हैं।मेनगेट जाने के लिएभी टाउनशिप के लोग इस मार्ग से होकर ही गुजरते हैं।बावजूद इसके इस चौक में हर दिन भारी वाहनों जमावड़ा रहता है।