
बीएसपी यूनियन के इस कदम से विरोधियों की एक मिनट में हो गई बोलती बंद
भिलाई . प्रतिनिधि यूनियन सीटू का कार्यकाल गुरुवार को समाप्त हुआ। यूनियन ने खुद ही आगे आकर चुनाव कराने की मांग की है। इस पहल से विरोधियों की बोलती बंद हो गई है। इस मामले में उन्होंने पत्र प्रबंधन के नाम सौंप दिया है।
जिसमें नीतिगत विषयों में कर्मचारियों की ओर से समझौता करने के लिए एक चुनी हुई यूनियन की जरूरत को देखते हुए मान्यता देने के लिए गुप्त मतदान से यूनियन सदस्यता जांच के लिए जल्द चुनाव के लिए पहल की जाए।
बीएसपी में कर्मियों का प्रतिनिधित्व करते हुए सीटू ने २० जून २०१८ को मान्यता का कार्यकाल पूरा किया। यूनियन ने साफ किया कि 4 जनवरी 2016 को उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) ने बीएसपी के मानव संसाधन विभाग के सभागार सभी यूनियनों की बैठक की थी।
तब सहमति बनी थी कि मान्यता कार्यकाल पूरा होने के बाद सभी सांविधिक समितियों में कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व के लिए अगले चुनाव तक मान्यता कार्यकाल पूरा कर चुकी यूनियन ही मान्यता यूनियन के रूप में कार्य करती रहेगी।
विषम परिस्थितियों में किया सार्थक पहल
सीटू के महासचिव डीवीएस रेड्डी ने बताया कि विषम परिस्थितियों में भी यूनियन ने सार्थक पहल किया है। जीवन बीमा की लाइफ कवर स्कीम की जगह दूसरी स्कीम को अपनाया।जिससे कर्मियों का हित लाभ ३,२०,००० रुपए से बढ़कर ६,०२,००० रुपए हुआ है। प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया।
भविष्य निधि (पीएसआईडीसी) में निवेशित राशि की तीन किश्तों में हुई वापसी। बकाया राशि लाने का प्रयास जारी। ऋण पात्रता को बढ़ाकर 12 गुना किया। ऋण वापसी की किश्तों को बढ़ाकर ६० गुना किया। ऋण पर ब्याज दर को घटाकर १० फीसदी किया। तमाम बाधाओं के बाद भी भविष्य निधि ट्रस्ट में अतिरिक्त ब्याज अर्जित कर पाने व कर्मियों में वितरण करने में कामयाब रहा।
प्रशिक्षुओं के लिए भी किया प्रयास
प्रशिक्षणार्थियों को ईएफबीएस के दायरे में लाया। प्रशिक्षण अवधि में उन्हें मकान दिलवाए। ट्रेनीस के बीमा के प्रीमियम की कटौती बंद करने की प्रबंधन की कार्रवाईपर रोक लगाई। प्रशिक्षण काल को सेवाकाल मानकर प्रमोशन शुरू करवाया। इस नियम को 2003 से 2008 अक्टूबर तक भर्ती हुए एसीटी, ओसीटी के लिए भी लागू करवाने का प्रयास जारी है। एसीटी व ओसीटी के प्रशिक्षण काल समाप्त होने पर उनकी बची हुई छुट्टियां कैरी फॉरवर्ड करवाने की सुविधा शुरू की। पहले यह छुट्टियां लैप्स हो जाती थी।महिला कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए प्रशिक्षण अवधि को सेवाकाल में जोडऩे के मामले में मातृत्व अवकाश को शामिल करवाया।
Published on:
21 Jun 2018 04:01 pm
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