
भिलाई इस्पात संयंत्र Bhilai Steel Plant के मेनगेट के बाद सबसे व्यस्त गेट बोरिया गेट है। राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर प्लांट के लिए आने वाले भारी वाहन खुर्सीपार से होकर सीधे बोरिया गेट से ही संयंत्र के भीतर प्रवेश करते हैं। यह मार्ग असल में सिर्फ भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए भारी वाहन प्रवेश करने का है। यहां भारी वाहनों के लिए पार्किंग भी बनी हुई है। इस रास्ते से भारी वाहन 40 साल से प्लांट के भीतर प्रवेश कर रहे हैं। पहली बार है कि इस रास्ते पर weekly shop साप्ताहिक बाजार जो मार्केट के भीतर मैदान में लगता है, उसके सब्जी व फल व्यवसाय करने वाले सड़क पर आ रहे हैं।
यह वही रास्ता है, जिसमें सीआईएसएफ जवान की पत्नी सामान लेकर बेटे के साथ निकली थी और भारी वाहन के जद में आने से मौत हो गई थी। अब इस रास्ते में हर सप्ताह सब्जी व्यापारी बैठने लगे हैं। इस वजह से लोग सड़क पर ही बाइक, स्कूटर और कार पार्क कर सब्जी लेने चले जाते हैं। इस दौरान भारी वाहनों का प्लांट के लिए आना-जाना लगा रहता है। भारी वाहन चालक की थोड़ी से लापरवाही से किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। बेकसूरों की इससे जान जा सकती है।
बोरिया बाजार, सेक्टर-4 के लिए जगह पहले से तय है। आवासों के मध्य लगने वाले इस बाजार को धीरे-धीरे सड़क की ओर बढ़ाया जा रहा है। इस पर बीएसपी प्रबंधन कंट्रोल नहीं कर रहा है। इसकी वजह से दुकानदार सड़क से होते हुए, अब प्लांट जाने वाले रास्ते तक जा पहुंचे हैं। मार्केट के भीतर में वाहन पार्किंग करने की जगह वाहन चालक अब सड़क पर ही वाहन पार्क कर रहे हैं।
राजेश चौधरी, जोन अध्यक्ष, पार्षद, नगर निगम, भिलाई ने बताया कि कलेक्टर, दुर्ग से शिकायत किया गया है कि भारी वाहन जाने वाले रास्ते में सब्जी व फल व्यापारी हर बुधवार को दुकान लगा रहे हैं। इसकी वजह से किसी भी दिन हादसा हो सकता है। दुकानों को लगने से रोकने की मांग की गई है। https://www.patrika.com/prime/exclusive/parking-of-heavy-vehicles-at-bsp-main-gate-spoils-the-beauty-18863369
Published on:
24 Jul 2024 09:07 pm
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