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मुंह पर लाल पट्टी बांधने वाले कोई और नहीं बीएसपी के सफाई कामगार है

घायल सफाई कर्मी को जबरिया डिस्चार्ज करने और तीन माह का वेतन की मांग को लेकर बीएसपी अस्पताल के सफाई कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया।

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BSP hospital

बीएसपी हॉस्पिटल सेक्टर-9 के सफाई ठेका श्रमिकों ने मुंह पर कपड़ा बांध कर किया विरोध प्रदर्शन

भिलाई. सड़क दुर्घटना में घायल सफाई कर्मी को जबरिया डिस्चार्ज करने और तीन माह का वेतन की मांग को लेकर बीएसपी अस्पताल के सफाई कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। सेक्टर-9 हॉस्पिटल की सफाई कर्मियों ने मुंह पर कपड़ा बांद और लाल पट्टी लगाकर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। सफाई कर्मचारी सुबह छह बजे से पहली पाली की ड्यूटी का काम बंद कर धरने पर बैठ गए।

सफाई कामगार आटो पलटने से दुर्घटनाग्रस्त हो गए
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सेक्टर-9 हॉस्पिटल में सफाई का काम करने वाले कामगार मंगलवार की सुबह कैंप-1 से ड्यूटी जाते समय आटो पलटने से दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। इनका इलाज सेक्टर-9 हॉस्पिटल में चल रहा है। प्रबंधन ने घायल मजदूरों को जबरिया डिस्चार्ज कर दिया। सफाई कामगार चाहते हैं कि इन श्रमिकों का यहां मुफ्त उपचार किया जाए। वहीं इन श्रमिकों को तीन माह से वेतन नहीं दिया गया है, उस वेतन का भुगतान जल्द से जल्द की जाए।

मुंह में बांध लिया कपड़ा
श्रमिकों ने हॉस्पिटल परिसर में बिना हल्ला किए ही प्रदर्शन किया। सीटू ठेका प्रकोष्ठ के सचिव योगेश सोनी ने बताया कि मुंह में कपड़ा बांधने का पीछे वजह यह है कि बिना हल्ला किए मौन रहकर बीएसपी प्रबंधन के सामने सफाई कामगार अपनी बात रखी।

बंद कमरे में बात करने से इंकार
प्रबंधन की ओर से शुक्रवार की सुबह ९ बजे के बाद एक प्रतिनिधि मंडल को बंद कमरे में चर्चा करने बुलाया गया। इस पर मजदूरों ने इंकार कर दिया। वे चाहते हैं कि प्रबंधन सभी सफाई श्रमिकों के सामने अपनी बात रखे, ताकि किसी तरह से आपस में मनमुटाव के हालात न बनें। प्रबंधन से इसके बाद कोई जवाब नहीं आया है। इस तरह फिर एक बार सेक्टर-9 हॉस्पिटल प्रबंधन का सख्त रवैया सामने आ रहा है।

इन श्रमिकों को लगी थी चोट
सफाई आटो पलटने से जिन सफाई कामगारों को चोट लगी है, उनमें लक्ष्मी कौर ३६ वर्ष कैंप-1, मालती ३६ वर्ष कैंप-1, बी पद्मावती ३३ वर्ष कैंप-१, पद्मा ४० वर्ष, गौरी निर्मलकर ३१ वर्ष कैंप-१, एस लीलावती ३८ वर्ष, नागलक्ष्मी ३५ वर्ष कैंप-१, चालक उमर खान ४८ वर्ष कैंप-१, अनसुइया ४५ वर्ष कैंप-१, सगनी बाई २४ वर्ष कैंप-१, जी पार्वती कैंप-१, एस सुजाता कैंप-१ शामिल हैं।

टायर फटने से पलटी थी आटो
२९ मई २०१८ की सुबह श्रमिक कैंप-1 से सेक्टर-९ ड्यूटी करने जा रहा थे।रास्ते में आटो का टायर फटने से पलट गई। इस दुर्घटना में दर्जन भर श्रमिक घायल हो गए। जिसमें से ४ को अधिक चोट लगी। उसे सेक्टर-9 अस्पताल के आईसीयू में दाखिल कराया गया। श्रमिकों का कहना है कि प्रबंधन आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों को जबरिया डिस्चार्ज कर रहा है।जिसके खिलाफ वे आंदोलन पर उतरे हैं।