11 बजे अपलोड किए गए रिजल्ट
दुर्ग जिले के करीब 35 हजार बच्चों की धड़कन तेज हो गई थी। उन्हें उस घड़ी का इंतजार था, जब इंटरनेट पर रिजल्ट अपलोड कर दिया जाएगा। इन सब के बीच यह याद रखना भी जरूरी है कि यह जिंदगी की अंतिम परीक्षा नहीं। किसी कारण अगर नंबर कम भी आ गए तो हताश होने की बजाए यह सोचकर आगे बढ़ें कि हमारी जिदंगी कीमती है। जिंदगी की परीक्षा बोर्ड एग्जाम से नहीं पास की जा सकती। जो युवा अपने परिणामों को जिंदगी मान बैठते हंै उन्हें भी यह सोचना होगा कि उनके साथ पूरे परिवार की खुशियां उनसे जुड़ी हुई है।