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BREAKING : वोट डालते इवीएम का फोटो खींच सोशल मीडिया में किया वायरल, अब एफआईआर के निर्देश

कवर्धा जिले में वोटिंग मशीन का फोटो खींचकर वायरल करने का भी मामला सामने आया है। इस मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी ने एफआईआर के निर्देश दिए हैं।

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BREAKING : वोट डालते इवीएम का फोटो खींच सोशल मीडिया में किया वायरल, अब एफआईआर के निर्देश

भिलाई/कवर्धा. पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री के बेटे द्वारा वोटिंग करते इवीएम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने का विवाद अभी थमा नहीं है। अब इसी कड़ी में कवर्धा जिले में वोटिंग मशीन का फोटो खींचकर वायरल करने का भी मामला सामने आया है। इस मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी ने एफआईआर के निर्देश दिए हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने संज्ञान में लिया

बता दें कि राजनांदगांव में पूर्व सांसद स्व. शिवेंद्र बहादुर सिंह एवं पूर्व मंत्री स्व. गीता देवी सिंह के पुत्र भवानी सिंह ने वोट डालते हुए वीडियो बनाकर शोसल मीडिया में अपलोड कर दिया है। इस कारण वे निवार्चन आयोग की कार्रवाई की जद में आ गए हैं। अब इसी कड़ी में कबीरधाम जिले के जयराम साहू द्वारा मतदान करते समय इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की फोटो खींच कर सोशल मीडिया में वायरल करने की कृत्य को जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने संज्ञान में लिया है।

प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश बोडला थाना प्रभारी को

जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग अधिकारी विपुल गुप्ता ने जयराम साहू के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश बोडला थाना प्रभारी को दिए है। जयराम साहू बोडला विकासखण्ड के ग्राम पोड़ी का रहने वाला है। उन्होंने मतदान केन्द्र में सुरक्षा बलों की नजरों से मोबाइल छिपाकर मतदान केन्द्र के इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन तक ले गया। वहां मतदान करते हुए इसकी तस्वीर ली और उसे सोशल मीडिया में वायरल भी कर दिया। इस कृत्य पर उसके विरूद्ध निर्वाचन नियमों व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कहा गया है।

03 माह का कारावास और अर्थदण्ड का प्रावधान
उल्लेखनीय है कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ द्वारा जारी निर्देशानुसार, निर्वाचन संचालन नियम 1961 के नियम 49 एम व लोक प्रतिनिधित्व 1951 की धारा 128 के अंतर्गत मतदान देने वाला व्यक्ति तथा अंधे, शिथिलांग व्यक्ति की मत देने के लिए सहायक सहित मतदान अभिकर्ता के लिए भी मतदान की गोपनीयता बनाए रखना बाध्यकर है, जिसके उल्लघंन के लिए 03 माह का कारावास और अर्थदण्ड का प्रावधान है।

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