28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Chhattisgarh Incident: एसीसी कंपनी में करंट से ठेका श्रमिक की मौत, मुआवजा के लिए धरने पर बैठे परिजन

Incident News: अदानी ग्रुप की एसीसी कंपनी जामुल में गुरुवार की सुबह करीब एक घटना हुई। जिसमें हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से एक ठेका श्रमिक की मौत हो गई।

2 min read
Google source verification
Chhattisgarh Incident

Bhilai News: भिलाई सीमेंट कंपनी में करंट लगने से एक ठेका श्रमिक की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार को सुबह की है। ठेका श्रमिक वेल्डर मोहमद आविद 11 केवी बिजली करंट से चिपक गया। काम कर रहे अन्य कर्मचारियों ने प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। प्रबंधन द्वारा उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इधर मृतक के परिजन मुअवजे की मांग को लेकर कंपनी के गेट के सामने धरना देकर बैठ गए।

जामुल थाना प्रभारी कपिल देव पांडेय ने बताया कि सीमेंट कंपनी में काम करने वाले ठेका श्रमिक आबिद (28 वर्ष) सुबह 8.30 बजे प्लांट पहुंचा और पंच कर काम करने प्लांट के अंदर चला गया, लेकिन उसका डीसी नहीं कटा था। वहां 11 केवी बिजली पैनल का एक रूम बनाया गया। उस रूम के सामने का गेट बंद था। आविद वेल्डर था, वह पीछे से उस रूम में गया और अचानक करंट की चपेट में आ गया। मामले में मर्ग कायम कर जांच में लिया है।

यह भी पढ़े: CG Road Accident: बच्चों को स्कूल ले जा रहा वाहन खेत में जा पलटा, बड़ा हादसा टला…मचा हड़कंप

पुलिस ने दी समझाइश, नहीं माने परिजन

विश्वकर्मा चौक जामुल निवासी मृतक मोहमद आबिद (28 वर्ष) के परिजनों को जामुल पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने उनकी एक नहीं गेट के सामने बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए वहां जवानों को तैनात कर दिया गया है।

परिजनों ने लगाया आरोप

इधर परिजन अस्पताल से कंपनी पहुंचे और असुरक्षित माहौल में काम कराने को लेकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। परिजन और मोहल्ले के लोग एसीसी सीमेंट कंपनी के गेट पर धरने देकर बैठ गए। घटना के विरोध में कंपनी में काम कर रहे ठेका श्रमिक भी काम छोड़कर धरने पर बैठ गए हैं। वे कंपनी प्रबंधन से मुआवजा की मांग कर रहे है। परिजनों ने बेटे की मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है। परिजनों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन लापरवाही पूर्वक श्रमिकों से काम ले रहा है। इसलिए मुआवजा के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिया जाए। जब तक मांग पूरी नहीं होगी बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।