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Bhilai अनुग्रह राशि का आवेदन लेने वाले कर्मियों की नहीं हुई ट्रेनिंग, बैंक कर्मी की तरह कर रहे व्यवहार

पीड़ित परिवार को लगवा रहे चक्कर.

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भिलाई

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Abdul Salam

Oct 06, 2021

Bhilai अनुग्रह राशि का आवेदन लेने वाले कर्मियों की नहीं हुई ट्रेनिंग, बैंक कर्मी की तरह कर रहे व्यवहार

Bhilai अनुग्रह राशि का आवेदन लेने वाले कर्मियों की नहीं हुई ट्रेनिंग, बैंक कर्मी की तरह कर रहे व्यवहार

भिलाई. कोरोना से परिवार में किसी व्यक्ति की जान गई है, तो पीडि़त परिवार को मौजूद दस्तावेजों के साथ आवेदन करना है। आवेदन जमा करने के तीस दिनों के भीतर उनके खाता में अनुग्रह राशि 50 हजार पहुंच जाएगी। यह सुनकर जिनके अपने कोरोना की चपेट में आए। वे आवेदन की प्रति मांगने और जमा करने नगर पालिक निगम, भिलाई के मुख्य दफ्तर आ रहे हैं। कोविड अनुग्रह राशि काउंटर में बैठे कर्मियों को अब तक उच्चाधिकारियों ने ट्रेनिंग नहीं दिया है। जिसकी वजह से वे पहले दिन से ही आवेदन के साथ तरह-तरह के दस्तावेज की मांग कर रहे हैं। इसी तरह से आवेदन देने और जमा करने से पहले दस्तावेजों को पूरा करके लाने कहा जा रहा है। अधिकारी जहां अधूरा दस्तावेज भी जमा करने कह रहे हैं, अगर जरूरत पड़ा तो वे पीडि़त परिवार से सीधे बात कर लेंगे।

बैंक कर्मी की तरह व्यवहार
नगर पालिक निगम, भिलाई के मुख्य कार्यालय में खिड़की एक छोटे से हिस्से में पीडि़़त परिवार का सदस्य जब अनुग्रह राशि के आवेदन को लेकर पूछता है, तब निगम कर्मी उनके साथ ठीक वैसे ही व्यवहार कर रहे हैं जैसे बैंक वाले लोन देते वक्त करते हैं। पहले बाहर जाकर खिड़की में जितने दस्तावेज की लिस्ट लगी है, उसे नोट कर लो। इसके बाद सारे दस्तावेज लेकर आना। तब जमा होगा आवेदन। इतना ही नहीं इस आवेदन के लिए काउंटर कहां है यह पूछने पर सही जवाब तक पीडि़तों को नहीं मिल रहा है। बुधवार को जिस काउंटर में आवेदन देने और लेने का काम किया जा रहा है, उसके बाजू वाले दफ्तर के एक कर्मी ने पीडि़त को दूसरे कार्यालय में आवेदन के नाम पर भेज दिया। समीप में मौजूद दूसरे लोगों ने पीडि़त को बताया कि इस खिड़की में मिलेगा आवेदन।

अधूरा दस्तावेज लाने वालों को लौटा रहे निगम कर्मी
आवेदन के साथ अधूरा दस्तावेजन लाने वालों को निगम कर्मी लौटा रहे हैं। वे मौजूद चार्ट को दिखा रहे हैं और पूरा दस्तावेज मांग रहे हैं। जिसकी वजह से लोग आवेदन लेकर लौट रहे हैं। काउंटर में बैठे कर्मी इसके पीछे तर्क भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे दस्तावेज नहीं होने पर आवेदक को अनुग्रह राशि नहीं मिलेगी। वहीं बड़े अफसर कह रहे हैं कि पीडि़त परिवार जितने दस्तावेज जमा कर रहा है, उतना जमा ले लेना है।

शिवाजी नगर जोन में पहले हुई थी दिक्कत
नगर पालिक निगम, भिलाई के शिवाजी नगर जोन में पहले इस तरह की दिक्कत हुई थी। इसके बाद वहां सुधार किया गया है। अब दूसरे जोन में आवेदन अधूरा दस्तावेज लेकर जा रहे हैं तो उनको पहले ही कह दिया जा रहा है कि दस्तावेज पूरा लेकर आएं। आवेदन लेने आने वालों को मंगलवार तक जो लिस्ट खिड़की में लगी बताई जा रही थी, उसमें हल्का नंबर के पटवारी से दस्तावेज में हस्ताक्षर करवाना शामिल है। बुधवार को इसमें संशोधन किए हैं। इसके पहले जितनों ने आवेदन लिया सभी को पूरे सात बिंदु नोट करने कहा गया।

नरमी से आना है पेश
पीडि़त परिवार से कैसे पेश आना है और आवेदन से संबंधित जानकारी किस तरह से दी जानी है। यह सब कुछ प्रशिक्षण देने के बाद ही अमल में लाया जा सकेगा। निगम के कर्मी जो लोग आवेदन लेकर आ रहे हैं, पहले कुछ देर उनके सवालों को सुनते ही नहीं है। ऐसा जाहिर करते हैं कि वे काम में व्यस्त है। इसके बाद आवेदन के साथ दस्तावेज क्या लाना है पूछने पर दरवाजे की ओर इशारा कर देते हैं। मुंह से बोलने की तक जहमत नहीं उठाते।

दस्तावेजों का परीक्षण कर जमा करेंगे
आवेदन जहां जमा किया जाएगा वहां मौजूद कर्मचारी दस्तावेजों का परीक्षण कर जमा करेंगे। जिनके पास अधूरे प्रमाण पत्र हैं वे भी आवेदन कर सकते हैं। अगर मृतक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव हो, अस्पताल का दस्तावेज हो। वे भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने के बाद तमाम तरह की वेरिफिकेशन के लिए अधिकारियों की ओर से पीडि़तों को बुलाकर पूछताछ भी की जाएगी।
- कोरोना से जिनकी मौत हुई है, उनका मृत्यु प्रमाण पत्र,
- आवेदक के आधार नंबर की छाया प्रति, मोबाइल नंबर,
- आवेदक के बैंक खाते के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति,
- मृतक व्यक्ति के आधार कार्ड या मतदाता परिचय पत्र की छायाप्रति,
- मृत व्यक्ति के निकटतम वारिस होने संबंधी हल्का पटवारी से प्रमाणित किया हुआ पंचनामा प्रतिवेदन,
- सहमति पत्र (विधिक उत्तराधिकारियों का)

पूरे दस्तावेजन नहीं वे भी करें आवेदन
नुपुर पन्ना, एडीएम, दुर्ग ने बताया कि कोरोना से परिवार के किसी सदस्य की मौत हुई है, इसके संबंध में जो दस्तावेज है, उसके साथ आवेदन करें। जो दस्तावेज का लिस्ट बताया गया है। वह पूरा न हो तब भी आवेदन कर सकते हैं।