
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (Photo Patrika)
Bhilai News: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय अब ऐसे शिक्षकों को तैयार करेगा, जो विशेष जरूरतों वाले बच्चों को शिक्षित कर सकें। इसके लिए विवि ने दो नए कोर्स शुरू करने की तैयारी की है। इंटीग्रेटेड स्पेशल एंड इन्क्लूसिव टीचर एजुकेशन प्रोग्राम और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रीहैबिलिटेशन साइकोलॉजी
दोनों कोर्स विश्वविद्यालय के पोटियाकला स्थित नवीन प्रशासनिक भवन में शुरू किए जाएंगे। भवन के पहले लोर को इन पाठ्यक्रमों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
इन कोर्सों को शुरू करने से पहले रीहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने हाल ही में विवि का निरीक्षण किया है। अब विवि आरसीआई से अंतिम मान्यता मिलने का इंतजार कर रहा है। संभावना है कि इस माह के अंत तक मान्यता प्राप्त हो जाएगी। इसके बाद विवि राज्य शासन को इसकी जानकारी भेजकर औपचारिक संचालन की प्रक्रिया शुरू करेगा। विवि प्रशासन के अनुसार, यह छत्तीसगढ़ का पहला विवि होगा जो इस तरह के विशेष शिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करेगा।
दोनों पाठ्यक्रमों को प्रशासनिक भवन में संचालित करने की तैयारी है। आरसीआई टीम निरीक्षण कर चुकी है, अब मान्यता की प्रतीक्षा है। दोनों ही कोर्स की फिलहाल काफी मांग है और सरकारी स्तर पर इनसे जुड़े पदों के लिए भर्तियां लगातार निकल रही हैं।
डॉ. संजय तिवारी कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय
शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू - दोनों कोर्सों के लिए विवि ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। कुल 20 पदों के लिए भर्ती की जा रही है। इनमें विजुअल इपेयरमेंट, हियरिंग इपेयरमेंट, इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटी, लर्निंग डिसएबिलिटी और साइकोथेरेपीविषय शामिल हैं।
यह एक समग्र शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को तैयार करना है जो सामान्य व विशेष जरूरतों वाले बच्चों — दोनों को शिक्षित कर सकें।
इस कोर्स में छात्रों को इनक्लूसिव एजुकेशन, चाइल्ड साइकोलॉजी, स्पेशल एजुकेशन तकनीकें और क्लासरूम मैनेजमेंट सिखाया जाएगा।
इस कोर्स के बाद उमीदवारों को स्पेशल स्कूलों, इनक्लूसिव स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रीहैबिलिटेशन साइकोलॉजी
यह कोर्स मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाओं से जुड़ा है।
छात्रों को मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, काउंसलिंग, थेरेपी और रीहैबिलिटेशन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अस्पतालों,मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों,एनजीओ में काम का मौका।
Updated on:
11 Nov 2025 12:13 pm
Published on:
11 Nov 2025 12:13 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
