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मोटी सेलरी वाले सरकारी अफसर को नहीं मिला एक गिलास पानी, हाथ में बोतल लिए भटकते रहे

जिले के 3000 अनियमित कर्मचारी मंगलवार को सामूहिक अवकाश पूर रहे।फाइल लाने-ले-जाने की बात तो छोड़ों अफसरों को अपने हाथों से पानी पीना पड़ा।

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Bhilai patrika

मोटी सैलरी वाले सरकारी अफसर को नहीं मिला एक गिलास पानी, हाथ में बोतल लिए भटकते रहे

दुर्ग/भिलाई@Patrika. जिले के 3000 अनियमित कर्मचारी मंगलवार को सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन में शामिल होने रायपुर चले गए थे। कर्मचारियों के अवकाश में रहने से अधिकतर सरकारी विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। फाइल लाने-ले-जाने की बात तो छोड़ों अफसरों को अपने हाथों से पानी पीना पड़ा। वहीं शासकीय जिला अस्पताल में आलम यह रहा कि स्टॅाफ नर्स को पंजीयन कक्ष में बैठकर ओपीडी पर्ची काटनी पड़ी।

पहले से ही सामूहिक अवकाश लेने का अल्टीमेटम
अनियमित कर्मचारी पहले से ही सामूहिक अवकाश लेने का अल्टीमेटम दे दिया थे। इसके बाद भी कर्मचारियों को रोकने विभाग प्रमूखों ने किसी तरह का कोई प्रयास नहीं किया। निर्धारित समय में कार्यालय पहुंचने के बाद अनियमित कर्मचारियों ने अवकाश के लिए आवेदन लिख कार्यालय से बाहर निकल गई। सर्वाधिक प्रभावित स्वास्थ्य विभाग रहा। यहां पर डाटा एंट्री से लेकर मरीजों का पंजीयन अनियमित कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने से ओपीडी में पंजीयन बंद हो गया। आनन फानन में सिविल सर्जन ने ऐसे स्टाफ नर्स को पंजीयन कक्ष में बैठाया जिन्हे कम्प्युटर का ज्ञान था। भीड़ कम करने पहले मैनुअल पंजीयन किया गया। बाद में स्टाफ नर्स ने कम्प्यूटर से ओपीडी पर्ची निकालकर मरीजों को दी। जिला अस्पताल के जन्म मृत्यु पंजीयन कंक्ष भी पूरे दिन बंद रहा।

सीएसवीटीयू के संविदा कर्मी भी रहे अवकाश पर
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में कार्यरत ६० से अधिक संविदा व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने मंगलवार को सामूहिक अवकाश ले लिया। विवि के अधिकारियों को छोड़कर सभी कर्मचारी संविदा और दैनिक वेतन पर ही हैं। एक साथ सभी के अवकाश पर जाने से विवि के प्रमुख कार्य प्रभावित हुए। फाइलें आगे नहीं बढ़ीं। विद्यार्थियों के सभी काम अटक गए। अवकाश पर गए सभी कर्मचारियों ने यह कदम खुद को नियमित कराने की मांग पर उठाया। हालांकि अवकाश पर जाने के एक दिन पहले विवि प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई थी।

रायपुर की रैली में हो गए शामिल
ऐसा नहीं है कि सिर्फ सीएसवीटीयू के कर्मचारी ही अवकाश पर गए, बल्कि अन्य विवि में भी यही हाल रहा। खास बात यह है कि स्थापना के १२ साल बाद भी सीएसवीटीयू में भर्ती नहीं हुई, इसलिए सबसे अधिक दैनिक वेतनभोगी यहीं हैं। बताया जाता है कि अवकाश लेकर ये सभी कर्मचारी रायपुर में हुए प्रदर्शन में शामिल हुए। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को ज्ञापन सौंपने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें बीच में रोक दिया।

काली पटटी लगाकर काम करने की तैयारी
सामूहिक अवकाश पर गए संविदा कर्मचारियों ने बताया कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो यह आंदोलन उग्र रूप लेगा। इससे पहले सभी कर्मचारी विवि तो आएंगे, लेकिन काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। हालांकि इसका अंतिम फैसला संगठन के पदाधिकारियों का होगा।

सुनवाई नहीं हुई। इसलिए हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा
संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ की उपाध्यक्ष राखी शर्मा ने बताया कि हमारी हड़ताल अनिश्चित कालीन है। हम लोग अपनी मांग को लंबे समय से विभाग के माध्यम से प्रशासन व शासन तक भेजते रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसलिए हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। आश्वासन मिलने के बाद ही हड़ताल खत्म किया जाएगा।

यह है मांगे
1. सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
2. समान काम सामान वेतन दिया जाए।
3. 62 वर्ष तक सेवा अवधि किया जाए।
4. जिन कर्मचारियों को बैठाया गया है उन्हें काम पर वापस रखा जाए।