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आईटीबीपी के जरिए बदलेगी माओवादी क्षेत्र के 59 युवाओं की जिंदगी

आईटीबीटी ने सिविक एक्शन प्लान के तहत सीपेट स्कीम में 59 युवाओं को ट्रेनिंग लेने रायपुर रवाना किया।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Jan 12, 2018

ITBP Officer flag off Bus

ITBP Officer flag off Bus

भिलाई. युवा दिवस के मौके पर आईटीबीटी ने सिविक एक्शन प्लान के तहत सीपेट स्कीम में 59 युवाओं को ट्रेनिंग लेने रायपुर रवाना किया। जहां वे 4 से 6 महीने तक रहकर प्लास्टिक इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग लेंगे। इस योजना के तहत आईटीबीपी के अधिकारियों ने गांव से ऐसे युवाओं को चुना जो पढ़ाई छोड़ चुके थे और बेरोजगार थे।

राजनांदगांव क्षेत्र के हैं युवा

राजनांदगांव से शुक्रवार को भिलाई के सेक्टर 8 स्थित आईटीबीपीटी के कार्यालय पहुंचे इन युवाओं से डीआईजी अशोक कुमार नेगी ने मुलाकात की और उन्हें मोटिवेट किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहली बार वे अपने गांव से बाहर आए हैं, लेकिन उन्हें आगे बढऩे अपने गांव, शहर और प्रदेश को छोडक़र आगे बढऩा होगा। अपनी मेहतन और लगन से वे इस प्रशिक्षण को प्राप्त करें ताकि अपने गांव के लिएवे आदर्श बन सकें। उन्होंने कहा कि सफलता का रास्ता धैर्यसे ही होकर गुजरता है, इसलिए जरूरी है कि वे सभी अनुशासन में रहकर प्रशिक्षण लें।

युवाओं ने कहा मिल गई मंजिल

सूदूर क्षेत्रों से आएइन युवाओं ने कहा कि गांव में जब किसी वजह से उनकी पढ़ाई छूट गईथी तो उनके सामने अपने बेहतर कॅरियर को लेकर कोईविकल्प नहीं दिखा। तभी आईटीबीपी के जवानों ने उनके गांव में कैंप लगाया और स्किल डेवपलमेंट प्रोग्राम के बारे में बताया। इसी बीच उन्हें पता चला कि उनके गांव के कईयुवा इस प्रोगाम के तहत ट्रेनिंग लेकर अच्छी जगह पर नौकरी कर रहे हैं। तब उन्होंने फैसला किया कि अपने बेहतर भविष्य को गढऩे वे गांव से बाहर निकलेंगे। 59 युवाओं के इस ग्रुप में 34 लडक़े और 25 लड़कियां शामिल हैं, जो 8 वीं से लेकर एमएससी पास है।

अब तक 6 सौ को ट्रेनिंग

आईटीबीपी ने पिछले 10 महीने में 1 हजार से ज्यादा युवाओं की काउसिंलिंग की गईजिसमें से 6 सौ को सीपेट(सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लॉसटिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) के तहत ट्रेनिंग दी गई।इन युवाओं में से 243 देशके विभिन्न शहरों में स्थित मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं।

कई वर्षों की मेहनत - डीआईजी

डीआईजी आईटीबीपी नक्सल ऑपरेशन छत्तीसगढ़ अशोक कुमार नेगी ने कहा कि नक्सली क्षेत्र के युवाओं को बाहर जाकर ट्रेनिंग के लिए तैयार करने में आईटीबीपी के अधिकारियों को सालों मेहनत करनी पड़ी है।गांववालों का विश्वास जीतकर फोर्स ने युवाओं की सोच को बदला और उसी का नतीजा है कि अब सूदूर क्षेत्रके युवा गांव के बाहर निकलकर आगे बढऩा चाहते हैं।