8 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Chhattisgarh Human story: महक के नाम से जानी जाएगी चार दिन की मासूम, रहेगी मातृछाया में, पढ़ें खबर

जिला अस्पताल से छुट्टी होने के बाद मासूम को नाम दिया गया। अब वह महक के नाम से जानी जाएगी।

2 min read
Google source verification
 Chhattisgarh Human story

दुर्ग . चार दिन के मासूम बच्ची को लावारिस हालत में फेक सामाज की भीड़ में चेहरा छिपाने वाले आरोपी को पुलिस नहीं खोज पाई। लेकिन अब मासूम की परवरिश मातृछाया में होगी। शुक्रवार को जिला अस्पताल से छुट्टी होने के बाद मासूम को नाम दिया गया। अब वह महक के नाम से जानी जाएगी। महक को चाइल्ड लाइन की भारती चौबे ने सीडब्ल्यूसी में प्रस्तुत किया।

नर्स ने महक को चाइल्ड लाइन के हवाले किया

महक को लेने मातृछाया संचालन समिति के सदस्य प्रमोद बाघ, दिलीप देशमुख अन्य सदस्य जिला अस्पताल पहुंचे थे। एसएनसीयू की स्टाफ नर्स ने महक को चाइल्ड लाइन के हवाले किया। जहां से वे सीधे महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय परिसर में संचालित सीडब्ल्यूसी कार्यालय पहुंचे। बच्ची को देखने के बाद और चाइल्ड लाइन कार्यकर्ता भारती का बयान दर्ज करने के बाद महक को मातृछाया में रखने का निर्देश दिया गया।

आपको कुछ मालूम हो तो नि:संकोच दें जानकारी
अगर आपको लावरिस फेंके मासूम से जुड़ी कोई भी जानकारी हो तो उसे साझा करें। आपकी जानकारी मासूमों के गुनाहगारों को शिंकजे के पीछे पहुंचा सकती है। आप सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला को मोबाइल नंबर 94791-92002 पर या फिर पत्रिका कार्यालय में सूचना दे सकते हैं। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।

अगले पेज में भी पढ़ें खबर

एक फरवरी को मिली थी मासूम
मासूम महक जिला अस्पताल परिसर में एक फरवरी को मिली थी। दोपहर 2.30 बजे की रोने की आवाज कुछ लोगों ने सुनी थी। तब लोगों का ध्यान ओपीडी के पास निर्माणाधीन भवन के अंदर कूड़े में पड़ी बच्ची पर पड़ी थी। उसे कपड़े में लपेटकर ऊपर से सीमेंट की बोरी से ढंक दिया था। इसके बाद से वह जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती थी।

नहीं मिला कोई क्लू
मासूम के गुनहगार को सिटी कोतवाली पुलिस खोज रही है। गुरुवार को पुलिस ने जिला अस्पताल के मुख्य गेट के निकट सांई प्रसाद, निर्माणधीन ट्रामा यूनिट और आयुष केन्द्र के आसपास कार्य करने वाले दर्जनों मजदूरों से पूछताछ की। खास बात यह है पुलिस ने घटना के दो दिन बाद विवेचना शुरू की। पुलिस ने नजदीक के जैन मेडिकल स्टोर्स के सीसी टीवी फुटेज भी खंगाला। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की मदद से मितानिनों को जानकारी उपलब्ध कराने कहा है।