
इंतजार की घडिय़ा खत्म, देवक और देवल के दिए नाम, रक्षा और आजाद के नाम से पहचाने जाएंगे बेबी शेर, रंग लाई पत्रिका की मुहिम
भिलाई. मैत्रीबाग में जन्मे दो सफेद नन्हें शावकों का आखिरकार शनिवार को नामकरण हो ही गया। पूर्व बीएसपी कर्मचारी देवल चक्रवर्ती का सुझाया नाम नर शावक को मिला। अब लोग उसे आजाद के नाम से जानेंगे। वहीं मादा शावक का नाम आईसीआईसीआई बैंक के मैनेजर देवक साहू के सुझाए नाम पर रखा गया। अब मादा शावक को लोग रक्षा के नाम से संबोधित करेंगे।
पहली बार मैत्रीगार्डन प्रबंधन ने शेर के नन्हें शावकों के लिए आम लोगों से नाम सुझाने की अपील की थी। वहीं पत्रिका भिलाई संस्करण ने सेव टाइगर मुहिम चलाया था। जिसके चलते महज 15 दिन में हजारों नाम लोगों ने फेसबुक, वाट्सअप और पोस्ट कार्ड के जरिए सुझाया था। जिसकी आधिकारिक आज मैत्रीबाग प्रभारी डॉ. एनके जैन ने की।
15 दिन पहले शुरू की थी मुहिम
मैत्रीबाग के नए मेहमान सफेद बाघ के दो शावकों के नामकरण के लिए पत्रिका ने लोगों से अपील की थी। लोग पत्र व फोन के माध्यम से नर व मादा शावक को पसंद का नाम देने पत्रिका को अपना सुझाव भेज रहे थे। कुछ लोगों ने भिलाई इस्पात संयंत्र के मैत्रीबाग प्रबंधन को भी सीधे शावकों को नाम सुझाया था।
सावन का महीना चल रहा शंकर-पार्वती नाम रखने का सुझाव
्रबीएसपी के सेवानिवृत्त श्रमिक नेता देवल चक्रवर्ती ने सफेद बाघ का नाम आजाद व मादा का नाम झांसी की रानी रखने की मांग की थी। पुरानी भिलाई से राकेश कुमार चौहान ने राधा और कृष्ण रखने की बात कही है। इसी तरह से औद्योगिक क्षेत्र के अमर यन्नेवार चाहते हैं कि शंकर व पार्वती रखा जाना चाहिए। वे कहते हैं कि अभी सावन का महीना चल रहा है।
अनंत कुमार ने इनका नाम सल्लू व ऐश होना चाहिए। दानों शावकों को नामकरण 15 अगस्त को होगा। यदि आप चाहते हैं कि मैत्रीबाग आने वाले पर्यटक आपके दिए नाम से इन शावकों को जाने- पहचाने तो आप भी नाम का सुझाव पत्रिका को भेज सकते हैं।
15 जून को गंगा ने दिए दो नन्हें शावक
मैत्रीबाग में दो नए मेहमान आए हैं। 15 जून को सफेद बाघ गंगा और किशन की जोड़ी ने दो शावकों को जन्म दिया है। दोनों नन्हें मेहमानों का नामकरण 15 अगस्त को किया जाना है। इसमें एक नर और एक मादा है। वैसे तो अभी तक मैत्रीबाग के अधिकारी और कर्मचारी यहां के वन्य जीवों का नाम रखते आए हैं।
रखा जाएगा पर्यटकों के लिए बाहर केज में
चिकित्सक एनके जैन के मुताबिक दोनों ही स्वस्थ्य हैं। वे 4 से 6 माह के हो जाएंगे, तब पर्यटकों के लिए कमरे से बाहर केज पर लाया जाएगा। गंगा और किशन ने सोनम व सुल्तान को जन्म दिया था। दोनों बड़े हो चुके हैं। सोनम को गोपी के सााथ मध्य प्रदेश के मुकुंदपुर जंगल सफारी में भेजा गया है।
नंदनकानन के बाद सबसे अधिक शावक मैत्रीबाग में पैदा हुए
देश में उड़ीसा के नंदन कानन में सबसे अधिक सफेद बाघ के शावकों ने जन्म लिया। इसके बाद सफेद बाघ की बिडिंग के लिए मैत्रीबाग को सबसे बेहतर माना जाता है। यहां अब तक 22 से सफेद बाघ जन्म ले चुके हैंं। मैत्रीबाग में इस समय 8 सफेद बाघ हैं, जिनमें 5 नर और 3 मादा हैं।
मैत्रीबाग के 11 सफेद बाघ पांच चिडिय़ाघर की बढ़ा रहे शान
मैत्रीबाग के सफेद बाघ राजकोट, इंदौर, लखनऊ, बोकारो और मुकुंदपुर जू में भिलाई की शान बढ़ा रहे हैं। मैत्रीबाग से एक जोड़ा सफेद बाघ नए रायपुर स्थित जंगल सफारी को दिया जाना है।
जंगल सफारी प्रबंधन नेसफेद बाघ के जोड़े सुल्तान और रोमा को पसंद किया है। मैत्रीबाग प्रबंधन दोनों को एक स्थान पर शिफ्ट करने तैयारी कर रहा था, इस बीच यह प्रस्ताव आया है। अब दोनों जल्द ही जंगल सफारी के बड़े बाड़े में नजर आएंगे।
Published on:
25 Aug 2018 02:06 pm
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