
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Hemchand University: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में नकल कर पास होने की उमीद लगाए बैठे विद्यार्थियों को बड़ा झटका लगा है। विवि ने बीए, बीकॉम और बीएससी द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा में नकल करते पकड़ाए विद्यार्थियों का फैसला कर दिया है।
हेमचंद विवि ने 48 नकलचियों को पकड़ा था, जिनके प्रकरण यूनिवर्सिटी अनफेयर मींस कमेटी यानी यूएफएम में गए। यूएफएम ने सभी प्रकरणों को देखने के बाद निर्णय दे दिया है। इनमें से 34 नकल प्रकरण ऐसे थे, जिनको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था, इसलिए यूएफएम ने इन तमाम छात्रों की पूरी परीक्षा ही निरस्त कर दी है। इसके अलावा 12 विद्यार्थियों का एक पेपर निरस्त किया गया है, जिसमें उन्हें नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। इन सबमें सिर्फ दो छात्र ऐसे रहे हैं, जिनके प्रकरण को समझने के बाद यूएफएम ने उन्हें क्षमादान दिया है। इनपर कोर्स कार्रवाई नहीं की गई। इनके रिजल्ट में एक छात्र ग्रेस मार्क्स से उत्तीर्ण हुआ है तो दूसरे को एटीकेटी मिली है।
क्यों निरस्त की गई पूरी परीक्षा: परीक्षा कक्ष में कुछ विद्यार्थियों के पास पूरी किताब मिली तो कुछ मोबाइल फोन को देखकर उत्तर लिखते मिले। पर्यवेक्षक ने इन्हें रंगे हाथों पकड़ा। इनके अलावा विद्यार्थी अपने साथ नकल के पर्चे लेकर बैठे। जिन विद्यार्थियों पर सी केटेगरी में कार्रवाई हुई है, उनके प्रकरण गंभीर मिले। कुछ विद्यार्थी अपने कपड़ों पर उत्तर लिखकर परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। इनके अलावा सबसे अधिक नकल प्रकरण मोबाइल को लेकर बनाए गए।
विश्वविद्यालय प्रशासन पहले ही साफ कर चुका है कि परीक्षा केंद्र में यदि छात्र के पास मोबाइल मिलता है तो इसे नकल प्रकरण मानकर कार्रवाई होगी। दरसअल, बहुत से छात्र परीक्षा केंद्र में मोबाइल लेकर पहुंच जाते हैं, लेकिन उसे बाहर रखने की बजाए कक्ष के भीतर रखकर परीक्षा देने लगते हैं। ऐसे में वीक्षक और उड़नदस्ता की जांच में मोबाइल मिलता है, भले ही वह उपयोग में नहीं है, लेकिन यह नकल साधन माना जाता है। इसलिए कक्ष के भीतर मोबाइल लेकर जाना पूरी तरह से वर्जित है। छात्र यह बात नहीं समझते और जांच के दौरान मिले मोबाइल की वजह से मुसीबत में पड़ जाते हैं।
बीएससी, बीकॉम और बीए के नकल प्रकरणों का यूएफएम कमेटी ने निर्णय लिया है। श्रेणी सी के तहत नकलची छात्रों की परीक्षा निरस्त की गई है। तय नियम से यूएफएम कार्य कर रही है। कई प्रकरण विचारधीन हैं।
भूपेंद्र कुलदीप, कुलसचिव, हेमचंद विवि
Updated on:
20 Sep 2025, 12:28 PM IST
Published on:
20 Sep 2025, 12:26 PM IST
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