
नर्सें हड़ताल पर क्या गईं, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव ही बंद हो गया
दुर्ग . प्रदेशभर की स्टाफ नर्स 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर चार दिनों से हड़ताल पर हैं। उनके हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल की व्यवस्था चौपट हो गई है। घनी आबादी वाले क्षेत्र में संचालित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी तालाबंदी की स्थिति है। केन्द्रों में संस्थागत प्रसव बंद हो गया है। हड़ताल के कारण एएनएम की ड्यूूटी जिला अस्पताल में लगा दी गई है। इससे शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव बंद हो गया है। वहां आने वाली महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
काम पर नहीं लौटीं तो होगी कार्रवाई
रायपुर सीएमएचओ ने हड़ताल में जाने वाली स्टाफ नर्सो के अवकाश के आवदेन को निरस्त कर उस अवधि को ब्रेक इन सर्विस की श्रेणी में ला दिया है। साथ ही सभी को नोटिस जारी कर काम पर लौटने नोटिस जारी किया है। इधर दुर्ग सीएमएचओ डॉ. सुभाष पाण्डेय ने भी स्टाफ नर्सो को चेतावनी दी है कि वे काम में लौट जाएं। उनकी सेवा आवश्यक सेवा के तहत है। कार्य में नहीं लौटने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट फाइल
167 स्टाफ नर्स जिले में
101 स्टाफ नर्स जिला अस्पताल में
75 स्टाफ नर्स गईं हड़तल में
04 नर्सिंग सिस्टर
08 अवकाश पर
हड़तल का असर यहां
1-जिला अस्पताल
2- सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र: पाटन, निकुम, धमधा व उतई।
72 एएनएम की ड्यूटी जिला अस्पताल में
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दिक्कतें
स्टाफ नर्सों के हड़ताल पर जाने के बाद जिला अस्पताल में ७२ एएनएम की ड्यूूटी लगाई गई है। इनकी ड्यूटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में थी। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दिक्कतें आ रही है।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
03 दुर्ग शहर में
05 भिलाई नगर में
शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई
सीएमएचओ डॉ. सुभाष पाण्डेय ने बताया कि मितानिन व स्टाफ नर्स के कारण व्यवस्था बिगड़ी है। शहरी प्राथमिक केन्द्र में आने वाली प्रसूताओं को जिला अस्पताल लाने का निर्देश दिया गया है। स्टाफ नर्स की जगह एएनएम की ड्यूटी लगाई गई है। हड़ताली कर्मचारी नहीं लौटते तो शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्टाफ नर्सों को काम पर लौटने की चेतावनी दी गई है।
Published on:
23 May 2018, 10:31 PM IST
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