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देखो.. छत्तीसगढ़ सरकार की महती योजना नियमितीकरण पर अफसरों ने लगाया ब्रेक

286 फाइल 6 माह से खा रही धूल,

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भिलाई

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Abdul Salam

Jun 15, 2023

देखो..  छत्तीसगढ़ सरकार की महती योजना नियमितीकरण पर अफसरों ने लगाया ब्रेक

देखो.. छत्तीसगढ़ सरकार की महती योजना नियमितीकरण पर अफसरों ने लगाया ब्रेक

भिलाई. छत्तीसगढ़ सरकार ने निकाय क्षेत्र में रहने वालों को बिना भवन अनुज्ञा के निर्माण या अवैध निर्माण को नियमितीकरण करवाने के लिए मौका दिया है। योजना के शुरू में लोगों ने निगम में आकर आवेदन किया। तब कुछ लोगों के आवास का नियमितीकरण किया गया। इसके बाद आने वाले आवेदनों को धूल खाने के लिए छोड़ दिया गया है। इस तरह से पिछले 6 माह के दौरान करीब 286 फाइल निगम से टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग के लिए रवाना ही नहीं की गई है। हितग्राही हर दूसरे दिन निगम कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।

राज्य सरकार ने दिया सुनहरा मौका
छत्तीसगढ़ सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देने के लिहाज से नियमितीकरण की योजना शुरू की। इसमें अगर भवन पूर्ण रूप से वैध नहीं है, तो शासन के नियमितीकरण कानून 2022 इसके तहत 120 वर्ग मीटर तक के आवासीय भू खंड में निर्मित, भवन का नि:शुल्क नियमितीकरण, 120 वर्ग मीटर से अधिक भू-खंड व भू-उपयोग परिवर्तन पर शुल्क के साथ इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

यह दस्तावेज जमा करने कहा शासन ने
शासन ने नियमितीकरण के लिए भूमि स्वामित्व दस्तावेज, बी-1, पी-2, खसरा बंटाकर या शासन, निकाय से आवटित पट्टा विलेख की स्वाप्रमाणित प्रति, भवन का निर्माण अधिसूचित तिथि के पूर्व होने का प्रमाण यथा बिजली बिल, संपत्ति कर की प्रति, भूमि का विवरण स्व मोहल्ला, नगर निवेश योजना, सर्वे क्रमांक, प्लाट नं. खसरा नं., भवन अनुज्ञा की प्रति (यादि है तो) विकास योजना, अभिकृति वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र अनुसार, भू-उपयोग प्रमाण पत्र, भवन का फोटोग्राफ (चारों ओर) बहुमंजिला भवन के लिए मृदा परीक्षण, स्ट्रक्चर रिपोर्ट अग्निशमन व्यवस्था की रिपोर्ट शपथ पत्र, मानचित्र की पांच प्रतियां, प्रॉपर्टी टैक्स की प्रति।

पहले दिया नियमितीकरण बाद में रोका फाइल
नगर पालिक निगम, भिलाई-चरोदा के अधिकारियों ने पहले 376 आवेदनों को नियमितीकरण के लिए टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग विभाग को भेजा। वहां से ऐसे भवन जो 120 वर्ग मीटर से छोटे थे, उनको नि:शुल्क और जो उनसे बड़े थे उनको शुल्क के साथ नियमितीकरण किया गया। नवंबर 2022 के बाद से जितने भी आवेदन आते गए, उनमें से जो वैध कालोनी के थे, उनको तो नियमितीकरण के लिए भेजा गया। वहीं शेष फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस तरह से इन फाइलों की संख्या बढ़कर 286 तक हो चली है। इनके आवेदक अब निगम के चक्कर काट रहे हैं।

विकास शुल्क लेने मंथन
निगम के अधिकारियों का कहना है कि अवैध कालोनी में जिनके आवास बने हैं, उनको सड़क, पानी, नाली, प्रकाश व्यवस्था देना, निगम की जिम्मदारी है। इस वजह से ऐसे आवासों से विकास शुल्क लेना भी जरूरी है। इस वजह से ऐसी फाइल को रोका गया है। अब चर्चा कर इन फाइलों को आगे बढ़ाया जाएगा।

नियमितीकरण को लेकर दो निगमों में नियम अलग-अलग
नगर पालिक निगम, भिलाई जहां नियमितीकरण को लेकर शासन के नियमों का पालन कर रहा है। यहां जैसे-जैसे आवेदन आ रहे हैं। उनको नियमितीकरण के लिए आगे भेजा जा रहा है। इससे भिलाई निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को योजना का लाभ अधिक से अधिक मिल रहा है। वहीं नगर पालिक निगम, भिलाई-चरोदा के अफसरों ने फाइलों को रोक दिया है।

राजस्व का हो रहा नुकसान
नगर पालिक निगम, भिलाई-चरोदा ने शुरू के जो 376 आवेदनों को नियमितीकरण के लिए आगे बढ़ाया। इससे शासन के राजस्व में 82 लाख, 28 हजार 518 रुपए आवक हुआ। इसके बाद फाइलों को रोक दिया। इससे शासन को राजस्व का भी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके लिए जो भी जवाबदार है, उससे स्पष्टीकरण लेने की जरूरत है। ताकि शासन की योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके।

120 वर्ग मीटर से कम वालों का नि:शुल्क नियमितीकरण

हिमांशु देशमुख, भवन अनुज्ञा अधिकारी, नगर पालिक निगम, भिलाई ने बताया कि 120 वर्ग मीटर से कम के भवन वालों का नि:शुल्क नियमितीकरण कर रहे हैं। इससे अधिक होने पर शुल्क तय है। शासन के नियम के मुताबिक भिलाई निगम क्षेत्र में रहने वालों को लाभ मिल रहा है।

अवैध कालोनियों को कर रहे चिंहित
निर्मल कोसरे, महापौर, नगर पालिक निगम, भिलाई-चरोदा ने बताया कि भिलाई-चरोदा निगम क्षेत्र की अवैध कालोनियों को चिंहित कर रहे हैं। अब तक करीब 16 कालोनी का लिस्ट बन चुका है। अवैध कालोनी के आवेदकों को नियमितीकरण करने फाइल आगे बढ़ाया जाएगा। इसके पहले एमआईसी में रखा जाएगा।