
दशकों पुराना नियम बदला, अब इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य और प्रोफेसर होंगे 65 साल में रिटायर
भिलाई. प्रदेश के इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में कार्यरत प्राचार्य और शिक्षक अब 5 साल और पढ़ा सकेंगे। वे 60 की जगह 65 साल में रिटायर होंगे। केंद्र सरकार ने नियम में बदलाव करते हुए इनकी सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाया है। राज्य तकनीकी शिक्षा निदेशालय से इसकी जानकरी सभी संबद्ध तकनीकी कॉलेजों को भेज दी है। पहले यह साफ नहीं था कि आखिर निजी तकनीकी कॉलेजों में पढ़ा रहे शिक्षक और उनके प्राचार्य कितने वर्ष की सेवा के बाद पद से सेवानिवृत्त होंगे। तकनीकी परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। सलाहकार समिति की अनुशंसा के बाद ही प्राचार्य और शिक्षक के लिए रिटायरमेंट की आयु को 65 वर्ष किया गया।
विशेष मामले में 70 साल भी
विशेष मामले में ही इनकी समयावधि बढ़ाकर 70 वर्ष की जा सकेगी। इसके लिए तकनीकी कॉलेज को जानकारी विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षा निदेशालय को देना पड़ेगा। तकनीकी परिषद ने कहा है कि 65 साल की उम्र पार करने के बाद जो कॉलेज प्राचार्य या शिक्षक को रखेंगे, उनके पदों को डिफाइन करना होगा। उन्हें बतौर सलाहकार रखा जाने का निर्देश दिया गया है।
एमजीएम करा रहा था ऑनलाइन एग्जाम, डीईओ ने दिया नोटिस
भिलाई के एमजीएम सीनियर सेकंडरी स्कूल सेक्टर 6 को डीईओ प्रवास सिंह बघेल ने नोटिस दिया है। स्कूल प्रबंधन 9 वीं और 11 वीं की परीक्षा ऑनलाइन कराने जा रहा था। जबकि राज्य शासन और सीबीएसई बोर्ड दोनों ने ही 9 वीं से 12 वीं तक की परीक्षा ऑफलाइन लेने के आदेश दिए हैं। स्कूल प्रबंधन ने जैसे ही 9 वीं और 11 वीं की परीक्षा ऑनलाइन लेने की सूचना पालकों को भेजी, उसके बाद यह खबर शिक्षा विभाग तक पहुंची और डीईओ ने स्कूल प्रबंंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। डीईओ बघेल से नोटिस मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने शुक्रवार दोपहर को ही अपना निर्णय बदल दिया और सारे बच्चों को वाट््सऐप पर नोटिस भेजकर ऑफलाइन परीक्षा की जानकारी दी।
Published on:
28 Feb 2021 04:04 pm
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