
अस्पताल के निजीकरण को लेकर विरोध में तेजी(Photo Patrika)
CG News: सेक्टर-9 अस्पताल के संभावित निजीकरण के खिलाफ माकपा ने जन-जागरण अभियान शुरू कर दिया है। रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-10 और सेक्टर-6 मार्केट में नुक्कड़ सभाएं कर लोगों को बताया कि बीएसपी-सेल प्रबंधन लगातार ‘कॉस्ट बढ़ने’ का तर्क दे रहा है, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं में लागत नहीं, नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि होती है।
अर्चना ध्रुव ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने कंसल्टेंट को जिस तरह चुपचाप नियुक्त किया और रिपोर्ट तैयार करवाई, वह कई सवाल खड़े करता है। कंसल्टेंट टीम भिलाई का दौरा कर सेल प्रबंधन व इस्पात मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप चुकी है, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इससे आशंका मजबूत होती है कि कहीं उच्च प्रबंधन धीरे-धीरे निजीकरण की दिशा में कोई ठोस योजना तो तैयार नहीं कर रहा।
वक्ताओं ने कहा कि प्रबंधन अस्पताल स्टाफ का वेतन अत्यधिक बताते हुए खर्च घटाने की बात कर रहा है। हाल में बीएसपी ने स्पष्ट किया था कि निजीकरण पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, केवल संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है। माकपा नेताओं ने कहा कि उत्पादन से होने वाली आय कर्मियों और अधिकारियों की मेहनत का परिणाम है, फिर उन्हीं की चिकित्सा सुविधाओं में कटौती कैसे उचित ठहराई जा सकती है?
Updated on:
17 Nov 2025 10:49 am
Published on:
17 Nov 2025 10:49 am
