
दुर्ग . पुलिस प्रशासन के लाख दावों के बाद भी शहर में नशे का कारोबार थम नहीं रहा है। आए दिन कहीं न कहीं पर नशे के सामान तो किसी क्षेत्र में प्रतिबंधित दवाई बेचने की खबरें आती रहती है। नशे का अवैध कारोबार श्रमिक बस्तियों के अलावा रेलवे स्टेशन के आस-पास, पटरी के कनारे किए जाते रहे है। ऐसा ही एक मामला मेडिकल स्टोर्स संचालक द्वारा दुकान आते-जाते समय बैग में नशे का सामान बेचते पकड़ाया है।
प्रतिबंधित दवा को नशे के रुप में इस्तेमाल करने के लिए बेचता
मेडिकल स्टोर की आड़ में नाबालिगों और युवाओं को नशे के लिए प्रतिबंधित दवा बेचने वाले मुकुट नगर निवासी दाव व्यवसायी शैलेष शर्मा (42 वर्ष) को मोहन नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से 19,140 रुपए कीमत का प्रतिबंधित दवा जब्त किया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विशेष न्यायाधीश मसूंर अहमद के न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी प्रतिबंधित दवा को नशे के रुप में इस्तेमाल करने के लिए बेचता है। पुलिस ने धमधा नाका ओवर ब्रिज के पास स्थित सूर्या पैलेस के पीछे हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी की बाइक की तलाशी ली। साथ रखे बैग को खंगाला। बैग में 810 रुपए नकदी और प्रतिबंधित दवाई मिली। पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर से दवा का परीक्षण कराया।
मेडिकल स्टोर किया सील
आरोपी की शक्तिनगर में रीता भदौरिया के नाम से मेडिकल स्टोर है। घटना की सूचना पुलिस ने पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दी। ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर की जांच की। वहां प्रतिबंधित दवा नहीं मिली पर संचालक से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवा मिलने पर मेडिकल स्टोर्स को सील कर दिया गया है।
दुकान में नहीं घर पर रखता था प्रतिबंधित दवा का स्टाक
पुलिस के मुताबिक आरोपी मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित दवा को नहीं रखता था। वह सारा स्टाक घर पर रखता था। मेडिकल स्टोर जाते समय वह बैग में दवा रखकर बेचने के बाद बची हुई दवा को हर रोज वापस घर ले आता।
Published on:
23 Nov 2017, 10:20 PM IST
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