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इनके जज्बे को सलाम: गोद के सहारे परीक्षा केंद्र पहुंचते हैं ये दिव्यांग, पढि़ए पूरी खबर

परीक्षा देने वाले दिव्यांग परीक्षार्थियों की समस्या की ओर न तो बोर्ड ने और न ही शिक्षा विभाग ने ध्यान दिया है।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 9 Mar 2018, 12:04 AM IST

Board Exam

बालोद. माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू तो हो गई है, लेकिन परीक्षा देने वाले दिव्यांग परीक्षार्थियों की समस्या की ओर न तो बोर्ड ने और न ही शिक्षा विभाग ने ध्यान दिया है। सुविधाओं के अभाव में कई परीक्षा केंद्रों में दिव्यांग मुश्किल से परीक्षा दे रहे हैं। लेकिन परीक्षा देने की जुनून के साथ अच्छे अंक से पास होने की ललक ने दिव्यांग हर कठिनाई को सह रहे है।

कन्या छात्रावास में रहकर कक्षा दसवीं की पढ़ाई कर रही दिव्यांग खूशबू
बालोद स्थित कन्या छात्रावास में रहकर कक्षा दसवीं की पढ़ाई कर रही दिव्यांग खूशबू निर्मलकर बड़ी मुश्किल से परीक्षा केंद्र पहुंच पाती है। सुबह जल्दी उठने के बाद परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए ऑटो का इन्तजार करती है, यही नहीं परीक्षा केंद्र तक पहुंच भी गई तो उसे उसकी सहेली गोद में उठाकर परीक्षा केंद्र तक ले जाती है। ऐसे दिव्यांगों के लिए सीधे परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए कोई सुविधा नहीं दी गई है।चाहते तो शिक्षा विभाग की ओर से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए कई तरह की सुविधाएं दी जा सकती थी। इसमें एक सुविधा यह भी हो सकती है कि घुटने के सहारे चलने वाले विद्यार्थियों के लिए स्कूल परिसर से परीक्षा कक्ष तक टाटपट्टी बिछा दें।

कक्षा दसवीं के छात्र कमलेश दोनों पैर से दिव्यांग

शासकीय आदर्श बालक उच्च विद्यालय में कक्षा दसवीं के छात्र कमलेश दोनों पैर से दिव्यांग हैं। कमलेश जिला मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु मन्दिर में परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने आते हैं। परीक्षा केंद्र तक तो मोटरसाइकिल में बैठकर पहुंच जाते हैं, लेकिन परीक्षा कक्ष में प्रवेश के लिए कमलेश को मुरुम में घुटने के सहारे दर्द सहते हुए चलना पड़ता है।

बता दें कि यह दिव्यांग परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए पहले सीढ़ी चढ़ कर परीक्षा केंद्र के द्वितीय तल में अपने कक्ष में जाते थे, लेकिन इनकी परेशानी को देखते हुए अब प्रथम तल परीक्षा देने की सुविधा की गई है।