
sbi bhilai
भिलाई . पहले लोग फोन कर आधार कार्ड के नाम से ठगी किया करते थे, लेकिन जल्द ही वो दिन भी आएगा जब ठगी का नया तरीका इ-मेल देगा। सुनने में यह जरा अजीब सा लग रहा होगा, लेकिन यह बात भिलाई के एक परिवार ने एसबीआई बैंक के नियम-कायदों से तंग आकर उठाई है।
उक्त परिवार ने एसबीआई प्रबंधन को लिखित में शिकायत देकर कहा है कि यदि इ-मेल मांगने के नाम पर ठगी हुई तो इसका पूरा जिम्मेदार बैंक होगा, खाताधारक नहीं। दरअसल, यह पूरा मामला एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला से जुड़ा है। परिवार बैंक में बुजुर्ग फार्म-15 एच जमा कराने पहुंचा था, जहां फार्म में इ-मेल को अनिवार्य बताया गया।
परिवार ने सवाल उठाया कि उम्र के इस पढ़ाव में बुजुर्ग इ-मेल का उपयोग कैसे करेगा। आईडी नहीं होने की बात कही गई। परिवार ने बैंक पर आरोप लगाया है कि सीनियर सिटीजन खाताधारक पर दबाव बनाकर बैंक इ-मेल एड्रेस मांग रहा है। परिवार के सदस्यों ने इ-मेल की अनिवार्यता खत्म करने की भी गुहार लगाई है। यह मामला सिविक सेंटर इंदीरा पैलेस स्थित एसबीआई का है।
क्यों चाहिए होता है फार्म 15 एच
नियमों के तहत करदाताओं को छूट के लिए एक विशेष फार्म जमा करना होता है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि बुजुर्ग की उम्र 70 से अधिक है, इसलिए उन्हें टैक्स रेबिट में छूट दिलाने के लिए फार्म 15 एच जमा करता था। अन्य बैंकों में इस फार्म में इ-मेल का जिक्र नहीं होता, लेकिन एसबीआई ने इसे अनिवार्य कर दिया है।
परिवार का यह भी कहना है कि इ-मेल देने से कोई परहेज नहीं है, लेकिन बुजुर्ग के खाते की सुरक्षा के लिहाज से यह नियम ठीक नहीं। इससे ठगी जैसे हालात पैदा होंगे। ठग बुजुर्ग को इ-मेल पूछने के बहाने से एटीएम पिन जानने जैसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। परिवार के सदस्यों का यह भी कहना है कि बैंक ने बुजुर्ग के स्थान पर किसी अन्य का इ-मेल एड्रेस बताने को कहा है, जबकि यह सरासर गलत है।
सबसे अधिक मामले बुजुर्गों के साथ
पिछले पांच वर्षों में बैंकिंग ठगी के सबसे अधिक शिकार बुजुर्ग ही हुए हैं। ठगों ने फोनकर आधार कार्ड अपडेट करने के नाम से उन्हें ठगा है। जानकारी नहीं होने की वजह से बुजुर्ग आसानी से उनकी बातों में आ जाते हैं। परिवार का कहना है कि कोई भी यदि बैंका हवाला देकर बुजुर्ग से कहे कि आपका इ-मेल अपडेट करने एटीएम पिन चाहिए तो बुजुर्ग अधिक ध्यान देंगे, उन्हें ठग लिया जाएगा। यही वजह है कि विभिन्न फार्म से बुजुर्गों के लिए इ-मेल का विकल्प हटाने की मांग की गई है।
Published on:
05 Apr 2018 12:55 pm
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