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छत्तीसगढ़ में पहली बार शुरू हुआ GST पर स्पेशल कोर्स, नौकरियों में युवाओं के आएगा काम, खुलेंगे स्वरोजगार के अवसर

बीकॉम के बाद टैक्सेशन और जीएसटी में रोजगार की संभावनाएं तालाश रहे युवाओं के लिए अब प्रदेश में एक विशेष कोर्स लॉन्च किया गया है।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Jan 02, 2021

Govt relaxes several compliance timelines under GST

Govt relaxes several compliance timelines under GST

भिलाई. बीकॉम के बाद टैक्सेशन और जीएसटी में रोजगार की संभावनाएं तालाश रहे युवाओं के लिए अब प्रदेश में एक विशेष कोर्स लॉन्च किया गया है। अब बीकॉम के छात्र खुद की स्किल बढ़ाकर फटाफट नौकरियां हासिल कर सकेंगे। पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय ने प्रोफेशनल और विद्यार्थियों के लिए जीएसटी पर 6 माह का विशेष कोर्स शुरू कराया है। इस कोर्स के पहले ही साल में जोरदार रिस्पांस भी हासिल हुआ है। टैक्सेशन के जानकारों ने बताया कि प्रदेश में जीएसटी और आयकर के क्षेत्र में बेहद संभावनाएं हैं। अभी इन कार्यों के लिए सिर्फ सीए को ही प्रोफेशनल माना जाता है, लेकिन जीएसटी एंड टेक्सेशन का यह कोर्स करने के बाद सामान्य विद्यार्थी जीएसटी रिटर्न फाइल करने व उनमें कई तरह पहलुओं को सीखकर इसे अपने स्वरोजगार की तरह भी शुरू कर सकेंगे।

खास व्यवसायिक कोर्स
अभी अपनी फील्ड में कार्यरत लेखापालों, आयकर सेवा-प्रदाताओं, वकीलों व लेखा अधिकारियों सहित विद्यार्थी भी इसमें दाखिला ले सकेंगे। जीएसटी कानून पर यह कोर्स 6 माह का व्यावसासिक पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। बीकॉम उत्तीर्ण एवं एमकॉम में अध्ययनरत विद्यार्थी भी इस कोर्स में प्रवेश ले सकते है। सबसे खास बात यह है कि नए जीएसटी कानून में जितनी भी तब्दीलियां आई है, वह सभी इस कोर्स के माध्यम से विद्यार्थियों को और प्रोफेशनल्स को समझाने की कोशिश की जाएगी।

एमए शिक्षा का पाठ्यक्रम भी पहली बार
इसी तरह एमए (शिक्षा) का दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी शुरू किया गया है। यह सिर्फ मुक्त विवि में ही संचालित है। शिक्षा विषय में एमफिल/पीएचडी करने के इच्छुक प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी यह दो वर्षीय दोनों कोर्स काम के साबित होंगे। यह कोर्स शिक्षा विषय में पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों के तीन साल बचाएगा। उन्हें इस कोर्स के जरिए पीएचडी में मदद मिलेगी।

यह पहला पाठ्यक्रम है
डॉ. डीएन शर्मा, क्षेत्रीय समन्वयक पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय ने बताया कि गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स लागू होने से जीएसटी के कानूनों व नियमों के जानकारों की कमी को ध्यान में रखते हुए मुक्त विश्वविद्यालय यह कोर्स दूरस्थ पद्धति यानी डिस्टेंस के रूप में कर पाएंगे। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में जीएसटी पर संचालित यह पहला पाठ्यक्रम है।