
भिलाई इस्पात संयंत्र की प्रतिनिधि यूनियन भिलाई इस्पात मजदूर संघ (बीएमएस) के महामंत्री ने संगठन के 5 नेताओं को नोटिस जारी किया है। उनसे तीन दिनों में जवाब मांगा गया है। अगर वे समय पर जवाब नहीं देते हैं, तब उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यूनियन नेताओं के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। नोटिस जारी होने की खबर पूरे प्लांट में आग की तरह फैल गई है। आशंका जताई जा रही है कि इस तरह का कृत करने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई हो सकती है।
महामंत्री ने जारी नोटिस में कहा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेकेदारों से कैंटीन में 5 यूनियन नेता वसूली कर रहे थे। संगठन अगर कोई कार्यक्रम करता है, तब ठेकेदारों से सहयोग राशि ली जाती है और बदले में ठेकेेदार हो या कोई भी उसे रसीद दी जाती है। यह नेता बिना रसीद के अवैध वसूली ठेकेदारों से कर रहे थे। शिकायत मिली तो महामंत्री व अन्य पदाधिकारी मौके पर गए थे।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि अध्यक्ष व महामंत्री से बिना इजाजत के संगठन में कोई भी मीडिया में रिलीज जारी नहीं की जाएगी। इसके विपरीत वे मीडिया में रिलीज जारी कर रहे हैं। इसको लेकर महामंत्री से कोई अनुमति नहीं ली जा रही है। संगठन का लेटर पैड इस तरह से बिना महामंत्री का इजाजत लिए उपयोग नहीं करना है।
नोटिस में कहा गया है कि बिना जानकारी के रसीद बुक का इस्तेमाल कर ठेकेदारों से अवैध वसूली की गई। संगठन को बदनाम करने का काम किया गया। इस नोटिस के तौर पर अंतिम स्पष्टीकरण दिया जा रहा है। 72 घंटे के भीतर जवाब दें।
नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर जवाब नहीं दिया जाता है, तब माना जाएगा कि अपनी गलती स्वीकार कर लिया है। वहीं संतोषप्रद जवाब नहीं दिया जाता है, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
चिन्ना केशवलू, महामंत्री, बीएमएस, भिलाई इस्पात संयंत्र ने बताया कि संगठन के 5 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। वे प्लांट में बिना रसीद दिए ठेकेदारों से अवैध वसूली कर रहे थे। इसके साथ-साथ महामंत्री के बिना अनुमति के मीडिया में रिलीज जारी कर रहे हैं।
Updated on:
21 Jun 2024 10:14 pm
Published on:
21 Jun 2024 10:14 pm
