
UGC News: छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में फार्मेसी डिपार्टमेंट की बोर्ड ऑफ स्टडी की बैठक हुई। इसमें सिलेबस अपडेशन पर चर्चा की गई। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए यूजीसी के नए नियम भी समझाए गए। विवि प्रशासन ने बताया कि पहले जहां फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम से एसोसिएट प्रोफेसर बनने पीएचडी का नियम नहीं था, वहीं अब यह अनिवार्य किया जा रहा है।
पीसीआई ने सभी संस्थानों और विश्वविद्यालयों को यूजीसी के नियम मानने के लिए कहा है। नियम बदलने से प्रदेश में संचालित 50 से अधिक फार्मेसी कॉलेजों में वर्किंग 758 से अधिक एसोसिएट प्रोफेसरों पर नया नियम लागू हो जाएगा। हालांकि असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए नियम शिथिल रहेंगे। बता दें कि सीएसवीटीयू ने हाल ही में हुई कार्यपरिषद की बैठक में नए नियम का अनुमोदन करा लिया गया है।
सीएसवीटीयू प्रशासन ने बताया कि फार्मेसी कॉलेजों में पढ़ा रहे एसोसिएट प्रोफेसरों में से अधिकतर के पास पीएचडी नहीं है। वहीं बहुत से लोगों की पीएचडी प्रोसेस में है। नया नियम लागू होने के साथ ही इनको अपनी पीएचडी करने के सीमित समय दिया जाएगा। तब तक वे कॉलेजों में सेवा देते रहेंगे।
फार्मेसी कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसरों के लिए पीएचडी की अनिवार्यता रहेगी। शिक्षकों को पीएचडी करने कहा गया है। बीओएस की बैठक में सदस्यों ने इस पर चर्चा की है। आगे की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
Updated on:
16 Nov 2024 01:15 pm
Published on:
16 Nov 2024 01:15 pm
