
पूर्व पीएम वाजपेयी की लोकप्रियता इतनी थी कि कांग्रेस के नेता भी उन्हें सुनने जाते थे
भिलाई. भारतरत्न पूर्व पीएम वाजपेयी की लोकप्रियता इस कदर थी कि उस दौर के विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता भी उन्हें सुनने जाते थे। जानकार बताते हैं कि ऐसा सिर्फ दुर्ग-भिलाई में ही नहीं बल्कि पूरे देश में उनके साथ होता था। भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भिलाई से गहरा नाता रहा है। वे छत्तीसगढ़ के दौरे पर जब भी आते, भिलाई आने से नहीं चुकते। भिलाई की यादें उनकी स्मृति में इस कदर बस गई थी कि छत्तीसगढ़ से जब भी कार्यकर्ता दिल्ली जाते तो वे भिलाई के बारे में ही चर्चा करते थे। इसका कारण यह था कि यहां के कार्यकर्ताओं ने उनके वजन के बराबर रक्तदान कर उनका जोशीला स्वागत किया था।
रक्तदान कर उनका ऐतिहासिक स्वागत
3 सितंबर 1986में अनूसूचित जनजाति के प्रदेश स्तकीय सम्मेलन में वे आंध्र भवन सेक्टर-5 में बतौर मुख्य अतिथि भिलाई आए थे। उस समय भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनके वजन के बराबर रक्तदान कर उनका ऐतिहासिक स्वागत किए थे। तब वाजपेयी जी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उनका वजन लगभग 80 किलोग्राम था। कार्यकर्ताओं ने बीएसपी सेक्टर-९ चिकित्सालय में भाजपा के नाम से एकाउंट खोलकर रक्तदान किया था। सेक्टर-९ अस्पताल के ब्लड बैंक मेंं ४०० यूनिट ब्लड जमा कराया था। सेक्टर-२ स्कूल ग्राउंड में ४०० कार्यकर्ताओं ने रक्तदान के कार्ड को सौंपकर उनका स्वागत किया था। यह खबर देश और दुनिया में प्रकाशित हुई थी।
वाजपेयी ने आश्वासन पर आंदोलन हुआ था समाप्त
भाजपा के जिला महामंत्री ब्रजेश बिजपुरिया ने बताया कि सेक्टर-9 अस्पताल में नॉन बीएसपी मरीजों के इलाज और चार्ज को लेकर भेदभाव के खिलाफ में भारतीय मजदूर महासंघ, एचएससीएल और पार्टी कार्यकर्ता भूख हड़ताल कर रहे थे। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म हुआ था। बिजपुरिया का कहना है कि सेक्टर-९ अस्पताल के गेट के सामने हर दिन २० कार्यकर्ता भूख हड़ताल करते थे। कर्नाटक केसरी कहे जाने वाले जगन्नाथ राव जोशी भी आंदोलन में शामिल हुए थे।
विपक्ष के नेता भी उन्हें सुनने पहुंचे
उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पदाधिकारी भी भाषण सुनने आते थे। एकबार वे सिविक सेंटर स्थित ओपन थिएटर में भाषण दे रहे थे तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वासुदेव चंद्राकर और प्रदीप चौबे सहित अन्य बड़े नेता सभास्थल पर खड़े होकर उनको सुन रहे थे।
नेताओं के पक्ष में प्रचार करने आए
पूर्व पीएम वाजपेयी १९८५ में धरमपाल गुप्ता से मिलने मिलने दुर्ग आए थे। इस दौरान वह भिलाई निवास में रूके। इंदिरा चौक सुपेला निवासी नर्मदा प्रसाद शुक्ला से मिलने उनके घर गए थे।
१९८९ में धरमपाल गुप्ता राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनाव लड़े। तब भी वह उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करने ट्रेन से दुर्ग आए। तब भी वे भिलाई निवास में ही रूके थे।
वर्ष 1991 में मनराखन लाल साहू जब लोकसभा क्षेत्र से भाजपा से सांसद प्रत्याशी थेे। तब भी वाजपेयी उनके पक्ष में प्रचार करने भिलाई आए। तब भिलाई नगर विधायक प्रेम प्रकाश पांडेय, साडा अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल उनकी पत्नी अनिता अग्रवाल ने स्वागत किया था। सेक्टर-२ बीएसपी स्कूल ग्राउंड में सभा हुई थी। भाजपा जिला अध्यक्ष ब्रजेश बिजपुरिया ने मंच का संचालन किया था।
वर्ष 2002 में सेक्टर-9 चिकित्सालय के सामने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल का पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ही अनावरण किया है। प्रवास के दौरान शहर की पूर्व महापौर नीता लोधी से शहर के विकास को लेकर भिलाई निवास में चर्चा की थी।
Published on:
16 Aug 2018 08:40 pm
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