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Winter 2024: बदलने वाला है मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी से पड़ेगी कड़ाके की ठंड, IMD का आया ताजा अपडेट

Winter 2024: इस साल बारिश भी बहुत अधिक हुई है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कड़ाके की ठंड भी पड़ेगी। अक्टूबर माह के आखिरी सप्ताह में ही ठंड का अहसास होने लगा है।
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भिलाई

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Love Sonkar

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Updated: 21 Oct 2024, 2:35 PM IST

Winter 2024

Winter 2024: जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में दशहरे के बाद से ठंड का अहसास होने लगा है। देर शाम के बाद ठंड बढ़ने लगी है। सुबह ठंड ज्यादा लगने लगा है। स्कूली बच्चों को सुबह स्कूल जाने के लिए काफी मशक्तत करनी पड़ रही है। ज्यादा ठंड बढ़ने पर समय परिवर्तन किया जा सकता है। इस साल बारिश भी बहुत अधिक हुई है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कड़ाके की ठंड भी पड़ेगी। अक्टूबर माह के आखिरी सप्ताह में ही ठंड का अहसास होने लगा है। जिसके चलते दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।

यह भी पढ़े: Winter 2024: दिवाली से पहले बदलेगा मौसम का मिजाज, ठंड को लेकर IMD ने दिया बड़ा अपडेट, जानिए

शहर व ग्रामीण के अलावा वनांचल में ठंड बढ़ा है। लोग सुबह सुबह अलाव का सहारा लेने लगे हैं। कोहरा भी नजर आने लगा है,जो कुछ दिनों में और अधिक बढ़ेगा। सुबह कड़ाके की ठंड से जल्द शहरवासियों का सामना होगा। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष ठंड अधिक रहने वाला है। अचानक मौसम में बदलाव के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर देखने को मिल रहा है।

गरम के बाद सीधे मौसम में नरमी के चलते सर्दी-खांसी व हरारत की शिकायत आने लगी है। सर्दी की शिकायत आम हो गई है,ये सभी बदले मौसम का असर माना जा रहा है। सरकारी हो या निजी अस्पताल में लोगों की भीड़ बढ़ रही है। साथ ही मेडिकल स्टोर्स में भी लोग सामान्य रूप से दवाई ले रहे हैं। हांलाकि कोई भी दवाई लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। दो तीन दिन में सुधार ना हो तो एक बार अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लेनी चाहिए।

चक्रवात के असर से बदलेगा मौसम

मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर अंडमान सागर के ऊपर स्थित है, इसके प्रभाव से एक निम्न दाब का क्षेत्र पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर अंडमान सागर के ऊपर अगले 24 घंटे में बनने की संभावना है।

इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और अधिक प्रबल होकर अवदाब के रूप में 22 अक्टूबर की सुबह, और उसके बाद चक्रवात के रूप में 23 अक्टूबर को पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने की संभावना है। उसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए, और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उड़ीसा तट से दूर-पश्चिम बंगाल तट के ऊपर 24 अक्टूबर के सुबह पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, एक निम्न दाब का क्षेत्र अरब सागर में बना हुआ है। इन दोनों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में प्रचूर मात्रा में नमी का आगमन लगातार जारी है।