
सबसे बुरे दौर में CG के इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रोफेसर और स्टाफ की छंटनी, शिकायत लेकर CSVTU पहुंचे पीडि़त
भिलाई. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University Bhilai)से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों (engineering college in CG) ने प्रोफेसर व स्टाफ की वेतन कटौती और छंटनी शुरू कर दी है। यह स्थिति उन संस्थानों में बन रही है, जहां 5 फीसदी से भी कम प्रवेश हुए हैं। भिलाई के क्रिश्चियन कॉलेज के प्रोफेसरों ने सीएसवीटीयू को शिकायत की है कि 25 साल से संस्था में काम करने के बाद भी उन्हें टर्मिनेट किया गया। जब विवि ने कारण पूछा, तो मैनेजमेंट ने इस साल हुए 5 फीसदी से भी कम एडमिशन और बेशुमार खर्च का हवाला देकर बात सामने रख दी। इसके साथ ही विवि को तीन अन्य कॉलेजों ने आवेदन कर बताया है कि उनके कॉलेज में प्रवेश शून्य है, इसलिए उनके सामने वेतन कटौती व कुछ स्टाफ को नौकरी से निकालने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
ये इस साल हो गए बंद
इंजीनियरिंग - सीआइएमटी भिलाई, पाथर्वी कॉलेज, सीआइटी रायपुर, रावतपुरा सरकार-2 रायपुर
आर्किटेक्चर - चाणक्य कॉलेज आर्किटेक्चर, सन कॉलेज
इन संस्थानों ने मर्ज कर लिए अपने संस्थान
शंकराचार्य टेक्निकल कैंप, रूंगटा ग्रुप, रायपुर व भिलाई
सरकार ने नहीं सुनी कॉलेजों की गुहार
प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज एसोसिएशन की ओर से सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा गया था कि इस साल से बारहवीं के अंकों से सीधा प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू कराएं। उच्च शिक्षा मंत्री को इसका प्रपोजल बनाकर दिया गया था, लेकिन उन्होने इसे नकार दिया।
मैनेजमेंट ने कहा-प्रोफेसरों को वेतन देने पैसे नहीं
इंजीनियरिंग कॉलेजों में विद्यार्थियों के प्रवेश में अबकी बार रिकॉर्ड गिरावट दर्ज हुई है। सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में तो 99.6 फीसदी एडमिशन हो गए, जबकि निजी कॉलेजों में सिर्फ 28 फीसदी ही प्रवेश हो पाए। इस साल 4 कॉलेजों में शून्य प्रवेश रहे। इसी तरह 9 कॉलेज दहाई का आंकड़ा तक पार नहीं कर पाए। तकनीकी शिक्षा निदेशालय से स्वीकृति लेकर इस साल 10 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हुए हैं, जबकि इतने ही कॉलेज नए सत्र में क्लोजर की ओर बढऩे की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में 3 नए कॉलेजों ने विवि से क्लोजर की इच्छा जताई है।
सबसे अधिक भिलाई के कॉलेज प्रभावित
डीटीई (DTE) की सूची में सबसे अधिक प्रभावित भिलाई-दुर्ग के 8 कॉलेज हैं, जिनमें नाम मात्र के एडमिशन हो पाए। वह संस्थान भी शामिल हैं, जिनमें पिछले तीन साल एडमिशन शून्य रहा है, लेकिन कॉलेज जैसे-तैसे सरवाइव कर रहा है। फिलहाल डीटीई कॉलेजों की दशा बदलने के लिए योजना बनाने की बात कह रहा है। सीएसवीटीयू के कुलसचिव डॉ. केके वर्मा ने बताया कि क्रिश्चियन कॉलेज के प्रोफेसरों ने मैनेजमेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल मामले में कुछ भी हल नहीं निकला है। कोशिश करेंगे कि मामला कार्यपरिषद में रखकर सुलझाएं।
Published on:
02 Nov 2019 11:04 am
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