
25 beds of major private hospitals of the city reserved in bhilwara
भीलवाड़ा .
कोरोना के बढ़ते रोगियों को देखते हुए शहर के सभी निजी अस्पतालों के 25 फीसदी बेड कोरोना मरीजो के
लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। इनके बेड की संख्या तय करने तथा डाक्टर व नर्सिग स्टॉफ कौन रहेगा इसकी जानकारी के लिए तीन डॉक्टरों की टीम का गठन किया है।
जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते ने आदेश जारी कर शहर के प्रमुख निजी चिकित्सालय के 25 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए हैं। निजी चिकित्सालय के स्टाफ को पहले प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जरूरत पड़ी तो उन्हें फिर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। आदेश में कहां गया है कि सरकार की ओर से तय शुल्क से अधिक राशि नहीं वसूलें और अगर इसमें किसी प्रकार की कोताही बरती गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुस्ताक खान ने बताया कि शहर के प्रमुख निजी चिकित्सालयों के बेड आरक्षित रखने के लिए तथा उनका भौतिक सत्यापन के लिए तीन डॉक्टरों की टीम बनाई है। इनमें डिप्टी सीएमएचओ डॉ. घनश्याम चावला, क्षय रोग प्रभारी डॉ. प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त सीएमएचओ (परिवार कल्याण) संजीव शर्मा शामिल है। तीनों शहर के केशव पोरवाल, बृजेश बांगड़ मेमोरियल हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल, स्वास्तिक हॉस्पिटल, सिद्धी विनायक, अरिहन्त हॉस्पिटल, अम्बेश हॉस्पिटल, रामस्नेही चिकित्सालय, सोनी हॉस्पिटल तथा मानव सेवा संस्थान का निरीक्षण करेंगे तथा वहा पर कितने बेड है, कौन डाक्टर कोरोना संक्रमित का उपचार करेंगे तथा नर्सिग स्टॉफ कौन रहेगा। इसकी सूचना एकत्रित करने के बाद संयुक्त रिपोर्ट बनाकर देंगे। माना जा रहा है कि निजी अस्पतालों में कम से कम ३०० से अधिक बेड मरीजों को मिल सकेंगे। मरीजों को उपचार के लिए जयपुर, उदयपुर तथा अहमदाबाद नहीं जाना पडेगा।
उधर सूत्रों का कहना है कि एक निजी चिकित्सालय के संचालक अपना हॉस्पिटल देने से आना-कानी की जा रही है। इसे लेकर राजनीतिक दबाव तक बनाया जा रहा है। इसे देखते हुए उच्च अधिकारियों ने अब इस निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करने का मानस बना लिया है।
Published on:
08 Sept 2020 10:33 pm
