4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

5 दिन में 300 बोरी भी नहीं आई बिकने

https://www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Google source verification
300 sacks never sold in 5 days in bhilwara

300 sacks never sold in 5 days in bhilwara

भीलवाड़ा।

क्रय विक्रय सहकारी समिति की ओर से कृषि उपज मंडी में पांच दिन पहले समर्थन मूल्य के कांटे पर शनिवार तक मात्र 12 किसान फसल बेचने आए। वहीं रोज 200-250 बोरी मूंग व उड़द की खुले में बिकने आ रही है। इसके पीछे मुख्य कारण सरकार के कड़े नियमों तथा फसल खराब होने को माना जा रहा है।

सहकारी समिति ने किसानों की कृषि जिंस उड़द, मंूग, सोयाबीन व मूंगफली की खरीद करने के लिए जिले में 11 कांटे कृषि उपज मण्डी सहित क्रय विक्रय सहकारी समितियों पर लगाए थे। भीलवाड़ा मण्डी में समर्थन मूल्य पर खरीद 11 अक्टूबर से शुरू की। मगर फसल खराबे को लेकर किसान सरकारी कांटे के बजाय सीधे मण्डी में दलाल के माध्यम से फसल को बेच रहे है। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। इस कारण पांच दिन से मंडी में सरकारी समर्थन मूल्य के कांटे पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

इस बार फसल तैयार होने के बाद हुई बरसात से फसल खराब हो गई एवं उड़द के दाने सही नहीं हो पाए। जिन किसानों के एक बीघा में चार से पांच बोरियों पैदा होती थी। इस बार उनके एक बोरी भी नहीं हुई। कृषि जिंस खराब हो गई है। इस समस्या को लेकर समर्थन मूल्य में माल बेचने जाने पर सैंपल की जांच के बाद ही माल लेने पर किसानों मेंं रोष व्याप्त है। किसानों का कहना है कि एक तो फसलें खराब हो गई। अब सरसों, गेहूं सहित कई फसलों की बुवाई करनी है। खाद, बीज के लिए रुपए की आवश्यकता है। लेकिन माल नहीं लिया जा रहा है। प्रशासन व अधिकारियों को फसलें खराब होने की जानकारी है।

582 बैंग खरीद
क्रय विक्रय सहकारी समिति के खरीद प्रभारी रामेश्वर लाल तेली ने कहना है कि पांच दिन में मात्र 12.13 किसान आए है। इनकी कुल 582 बैंग (50-50 किलोग्राम) की खरीद हुई है। कुल 291 क्विंटल माल आया है। इनमें 223 बैंग उड़द तथा 359 बैग मूंग शामिल है। कुछ किसान सैंपल लाए है तो उनकी स्वीकृति के लिए सैंपल रख लिए। सैंपल पास होने पर खरीद की जाएगी।

समिति सदस्य करेंगे तय
सरकारी कांटों पर कृषि जिंस से पहले समिति की ओर से नमूने की जांच की जाएगी। इसमें कृषि विभाग, मंडी कर्मचारी, क्रय विक्रय सहकारी समिति सदस्य नियुक्त है। सरकारी कांटों पर माल खरीद से पहले नमूने की जांच किस स्तर पर कौन करेगा। इसके लिए राजफैड से निर्देश स्पष्ट नहीं है। ऐसे में किसान फसल सरकारी कांटे पर न लाकर मण्डी में बेच रहे है। इससे किसान को नुकसान हो रहा है, लेकिन मण्डी में हाथों-हाथ राशि मिलने से वह अपने खेत के लिए बीज व खाद की व्यवस्था करने के साथ ही दीपावली की तैयारी भी कर रहा है।

बड़ी खबरें

View All

भीलवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग