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21 दिन में करवाई 5916 लोगों ने स्कैनिंग

रिपोर्ट निगेटिव, फिर भी एचआरसीटी में संक्रमण
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21 दिन में करवाई 5916 लोगों ने स्कैनिंग

21 दिन में करवाई 5916 लोगों ने स्कैनिंग

सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
दूसरी लहर में कोरोना रूप बदल कर आरटीपीसीआर जांच समेत एंटीजन व ट्रूनेट टेस्ट को भी चकमा दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जिले में 2० से २५ प्रतिशत मरीज ऐसे सामने आ रहे हैं, जिनकी आरटीपीसीआर से लेकर अन्य कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ रही हैं। उनमें ऑक्सीजन स्तर गिरने से लेकर कोरोना के अन्य सभी लक्षण नजर आ रहे हैं। मगर ऐसे मरीजों का न नॉन कोविड में सही इलाज हो पा रहा है और न निगेटिव होने के चलते कोविड अस्पताल में भर्ती हो पा रहे हैं। डॉक्टरों के सामने ये मरीज नई चुनौती बने हैं। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मरीजों का चेस्ट सीटी स्कैन सीवियारिटी स्कोर (थोरैक्स सीटी) कोरेड्स पांच से अधिक है तो पॉजिटिव मानकर ही उपचार दिया जा रहा है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर कई मरीज निजी अस्पतालों में जाकर एचआरसीटी स्कैन करवा रहे है। २१ दिनों में जिले में ५९१६ लोगों ने यह जांच कराई है। इसके चलते अस्पतालों में सीटी स्कैन कराने के लिए नंबर लगवाने पड़ रहे हैं। कई अस्पतालों में दो से तीन दिन की वैटिंग चल रही है।
सीएमएओ डॉ. मुस्ताक खान का कहना है कि जिले में कई ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव है। हालांकि उनमें कोरोना के सारे लक्षण हैं। 2० से २५ प्रतिशत ऐसे मरीज हो सकते हैं। इनका ऑक्सीजन स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। फेफड़ों में संक्रमण है। ऐसे मरीजों में हाई रिजोल्यूशन सीटी स्कैन (एचआरसीटी) किया जाना चाहिए। चेस्ट सीटी स्कैन सीवियारिटी स्कोर कोरेड्स (कोविड-19 रिपोर्ट एंड डेटा एनालिसिस सिस्टम) यदि 5 से ज्यादा है तो उसे कोविड-19 मानकर चलना चाहिए और उसी प्रोटोकॉल के तहत ऐसे मरीजों को पॉजिटिव से अलग रखकर इलाज किया जाना चाहिए। मालूम हो, इस स्कोर से कोविड-19 से फेफड़ों में संक्रमण की स्थिति का पता चलता है। चेस्ट सीटी स्कैन सीवियारिटी स्कोर 25 तक भी पहुंच जाता है। ऐसे मरीजों की फिर जान बचाना मुश्किल हो जाता है।
क्या बरतें सावधानी
एमजीएच के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि गले में दिक्कत महसूस होने पर भाप लें व गुनगुने नमक-पानी से गार्गल करें। खुद को आइसोलेट कर लें। कोविड जांच कराएं। फ्रीज में रखी या अन्य ठंडी वस्तुएं नहीं खाएं। जो पहले से सांस के मरीज हैं व इन्हेलर ले रहे हैं, उसे नियमित लेते रहें। रिपोर्ट निगेटिव आने व एक्सरे में स्पष्टता नहीं होने पर लापरवाही न बरतें, बल्कि अपना चेस्ट सीटी स्कैन कराएं।
१७४२ जीरो स्कोर के
शहर में महात्मा गांधी अस्पताल को छोड़कर ६ अन्य निजी अस्पतालों में एचआरसीटी किया जा रहा है। अरिहन्त, कृष्णा, रामस्नेही, केपी, बांगड़ तथा डॉ. गर्ग शामिल है। इन पर २१ अप्रेल तक ५९१६ जनों ने एचआरसीटी करवाई। इनमें मात्र १७४२ जने ही जीरो स्कोर के पाए गए। १ से ८ तक २११०, ९ से १५ तक १६७२ तथा १६ से अधिक वाले ३९२ लोग सामने आए है जो पहले निगेटिव थे।

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