
A do-or-die battle over pay disparity and promotion crisis: 'Maharally' in Jaipur on 12th
प्रदेश के कर्मचारियों की लंबित मांगों और वेतन विसंगतियों को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 12 जनवरी को जयपुर में होने वाली 'संघर्ष चेतना महारैली' को सफल बनाने के लिए जिले के सभी कर्मचारी संगठनों ने कमर कस ली है। महासंघ कार्यालय पर जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय किया गया कि भीलवाड़ा जिला मुख्यालय और तहसीलों से सैकड़ों कर्मचारी 14 बसों के जरिए जयपुर कूच करेंगे।
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पारसमल कुमावत ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एएनएम, एलएचवी, शिक्षक, नर्सिंग ऑफिसर और ग्राम विकास अधिकारी जैसे अधीनस्थ सेवा के पदों पर पदोन्नति के मात्र 20 फीसदी अवसर हैं। आलम यह है कि एक कर्मचारी को पहली पदोन्नति के लिए 15 से 25 साल तक इंतजार करना पड़ता है। दूसरी पदोन्नति तो न के बराबर है।
जिला मंत्री नारायणलाल गुर्जर ने बताया कि रैली की सफलता के लिए शिक्षक संघ, नर्सेज, ग्राम विकास अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक, वनकर्मी, आयुर्वेद और पटवारी संघ के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में इंदिरा चंदेल, अशोक जीनगर, वीरेंद्र सिंह चौहान, कन्हैयालाल शर्मा सहित विभिन्न घटकों के शीर्ष नेता मौजूद रहे।
जब तक सेवाकाल में 5 पदोन्नति के अवसर और स्पष्ट स्थानांतरण नीति नहीं बनती, महासंघ का संघर्ष जारी रहेगा। जयपुर की रैली सरकार की आंखें खोलने वाली होगी।
- नीरज शर्मा, जिलाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील
Published on:
07 Jan 2026 07:47 pm
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