
Accident Insurance of Consumers Using ATM Cards
भीलवाड़ा ।
एटीएम कार्ड का उपयोग करने वाले उपभोक्ता का 30 हजार से 5 लाख तक का दुर्घटना बीमा स्वत: ही हो जाता है। लेकिन अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। जिले की कुल आबादी के 25 प्रतिशत लोग एटीएम कार्ड का उपयोग करते हैं। इसके बाद भी पिछले दो वर्ष में जिले में एटीएम से प्राप्त बीमा के लिए एक भी क्लेम नहीं उठाया गया। जबकि एटीएम कार्ड की सुविधा लेने के साथ ही उपभोक्ता का स्वत: दुर्घटना बीमा हो जाता है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि एटीएम का उपभोग करने वाले व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके परिवार की ओर से कोई क्लेम तक नहीं करता है।
जिला सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 30 लाख से अधिक है। इनमें से अधिकांश लोगों के बैंकों में खाते है। सभी खाताधारकों के पास एटीएम कार्ड है। एटीएम कार्ड धारक की अगर दुर्घटना में मौत होती है तो बैंक कार्ड पर दुर्घटना बीमा देता है, लेकिन इसकी अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। बैंकों ने अपने कार्ड पर अलग-अलग बीमा राशि तय कर रखी है। बैंक भी इस तथ्य का प्रचार प्रसार नहीं करता, एेसे में 95 प्रतिशत लोग इससे अनजान हैं। किसी को जानकारी है भी तो वह बैंक के चक्कर काटना नहीं चाहता। जबकि कोई भी राष्ट्रीयकृत बैंक में दुर्घटना के बाद 23 दिनों तक आवेदन किया जा सकता है। इसके बाद जरूरी दस्तावेजों के साथ बीमा के लिए क्लेम भी किया जा सकता है।
ये दस्तावेज जरूरी
बीमा क्लेम करने के लिए कार्ड धारक की मृत्यु हो जाने पर एफआईआर की कॉपी या पुलिस की रिपोर्ट, जिसमें मृत्यु के कारण का ब्योरा दिया हो। मेडिकल रिपोर्ट, पुलिस पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक कंफर्मेशन और नॉमिनी डिटेल देनी होगी।
ये हैं बीमा की शर्ते
क्लासिक श्रेणी के एटीएम कार्ड में दो लाख तक का बीमा होता है। इसके लिए भी 45 दिनों के अंदर कोई ट्रांजेक्शन होना चाहिए।
प्लेटिनम में पांच लाख तक का बीमा होता है। इसके लिए ग्राहक के खाते में कम से कम 25 हजार जमा होने चाहिए।
जनधन योजना के तहत खुले खाते में भी बीमा कवर होता है। इसमें भी रूपे कार्ड के लिए तय नियम ही लागू होंगे।
किसी ने नहीं किया क्लेम
बीते दो वर्ष में किसी ने भी एटीएम से प्राप्त होने वाले बीमा के लिए क्लेम नहीं किया है। हालांकि सभी एटीएम कार्ड में बीमा कवर होता है। ग्राहक व उनके परिजनों की ओर से दुर्घटना के बाद दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने पर उसे बीमा कवर दिया जाता है। लेकिन जिले में एक भी ऐसा मामला सामने नहीं आया है।
राजेन्द्र प्रसाद लढ्ढा, जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक
Updated on:
20 Jul 2018 12:29 am
Published on:
20 Jul 2018 09:13 am
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