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मास्टरमाइंड के साथ मिलकर लूट का कपड़ा रखवाया था अजमेर के गोदाम में, लूट का माल बेचने की फिराक में था, हरियाणा से धरा

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Accused arrested of robbery in bhilwara

Accused arrested of robbery in bhilwara

रायला।

रायला थाना क्षेत्र के ईरास चौराहे पर गत दिनों ट्रक से 75 लाख रुपए के कपड़ों की लूट के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। साइबर पुलिस टीम ने आरोपी अजमेर के क्रिश्चियन गंज निवासी ओमप्रकाश यादव (50) की तलाश मोबाइल लोकेशन के आधार पर की।

लोकेशन गुरुग्राम के सेक्टर 47 में पाई गई। पुलिस ने आरोपी को वांछित ठिकाने पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूर्व में गिरफ्तार अजमेर निवासी अतुल जॉन के साथ मिलकर मास्टरमाइंड सद्दाम के अनुसार लूट का कपड़ा अजमेर के गोदाम में रखवाया था। आरोपी लूट के माल को बेचने की फिराक में था। यादव के विरुद्ध अजमेर मे भी केस दर्ज हैं।

गौरतलब है क‍ि 31 जुलाई को भीलवाड़ा से ट्रांसपोर्ट कम्पनी से अलवर के चालक माकू तौफीक मेव 18 टन कपड़ों की गांठे ट्रक में लादकर रात में दिल्ली रवाना हुआ। ईरास चौराहे के निकट पीछे से कार में आए चारों जनों ने आगे वाहन लगाकर ट्रक रुकवाया। चालक को बंधक बना लिया। एक व्यक्ति ट्रक लेकर रवाना हुआ। करीब दस किलोमीटर गांगलास के निकट जंगल में चालक के हाथ-पैर बांध जंगल में पटक कर ट्रक लेकर भाग गए। ट्रक में करीब 75 लाख रुपए का कपड़ा भरा था। मामले में छह दिन में खुलासा कर 6 अगस्त को आरजिया के आबिद मंसूरी व लुहारिया (माण्डल) के फारूख पठान को गिरफ्तार किया था।

गैंग में शामिल दो अन्य आरोपी मोरवन थाना जावद (नीमच) के शेरू उर्फ मोईनुद्दीन पठान व बैंक कॉलोनी नाका मदार (अजमेर) निवासी अतुल जॉन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने लूटा गया ७५ लाख का कपड़ा बरामद कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि चमारी खेड़ा (बागोर) निवासी सद्दाम वारदात का सरगना है। वर्तमान में वह हत्या के मामले में अजमेर की सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है। जेल में बैठे मोबाइल से देता रहा रिश्तेदारों को निर्देश सद्दाम ने जेल में बैठे मोबाइल से वारदात करवाई। उसने रिश्तेदार आबिद और फारूख को तैयार किया। उनको भीलवाड़ा बुलाया। आबिद और फारूख ने दो अन्य साथियों को साथ लिया।

ट्रांसपोर्ट कम्पनी में ट्रक में कब कपड़ा भरा गया, वहां से कब रवाना हुआ और कहां पहुंचा, यह सब जानकारी सद्दाम मोबाइल पर रिश्तेदारों को देता रहा। उसके बाद गैंग सदस्य ट्रक के पीछे हुए। पुलिस का मानना है कि ट्रांसपोर्ट कम्पनी से जुड़ा व्यक्ति सद्दाम के सम्पर्क में था। वो सद्दाम को जानकारी दे रहा था और सद्दाम साथियों की मदद से वारदात करवाई। कॉल डिटेल खंगाली तो रह गई दंग पुलिस ने गिरोह को पकडऩे के लिए इलाके की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन निकलवाई। उसमें एक कॉल की लोकेशन अजमेर सेंट्रल जेल आई। यह देखकर भीलवाड़ा पुलिस भी दंग रह गई। गिरोह को पकड़ा तो उन्होंने राज उगला। लूटा गया कपड़ा अजमेर के एक गोदाम में ही छिपाया गया था। पुलिस ने गोदाम से कपड़ा बरामद करके लेकर आई।

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