
राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय में मरीजों को हर रोज इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है
भीलवाड़ा।
राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय में मरीजों को हर रोज इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। एक ओर जहां मरीजों को जीते जी समय पर इलाज नहीं मिल पाता है तो दूसरी ओर मरीज के मरने के बाद भी डॉक्टर परिजनों को इंतजार कराते हैं। अस्पताल में शुक्रवार को एक शव के पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। यह एक दिन की समस्या नहीं है। आए दिन मृतकों के परिजनों को पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार मूलत: झालावाड़ व हाल आजादनगर में रहने वाले राधेश्याम (५५ ) पुत्र गोकुल सेन की गुरूवार दोपहर में अचानक तबीयत बिगड़ जाने पर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसी तरह गुरूवार रात बूंदी निवासी गोपाललाल (७०) पुत्र मांगीलाल शर्मा की विजयसिंह पथिकनगर में सड़क हादसे में मौत हो गई। दोनों के शव मोर्चरी में रखवाए गए।
शुक्रवार सवेरे पोस्टमार्टम के लिए प्रतापनगर व सुभाषनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक दस्तावेज तैयार क र पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल ज्यूरिष्ट का इंतजार करते रहे। पुलिस व परिजनों को इंतजार करते-करते साढे़ ११ बज गए, लेकिन कमरे में चिकित्सक नहीं पहुंचे। परेशान परिजन व पुलिसकर्मी प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी आगीवाल के कक्ष में पहुंचे, लेकिन वे भी बैठक में होने से वहां नहीं मिले। बाद में सुभाषनगर थाना प्रभारी भजनलाल चिकित्सालय उपनियंत्रक डॉ. देवकिशन सरगरा के पास पहुंचे और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल ज्यूरिष्ट को जल्द बुलाने की बात कही। डॉ. सरगरा ने उन्हें फोन कर बुलाया, उसके बाद दोपहर १ बजे पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी हुई और पुलिस ने परिजनों को शव सौंपे।
कल से नहीं करूंगा पोस्टमार्टम
उपनियंत्रक डॉ. देवकिशन सरगरा ने जब मेडिकल ज्यूरिष्ट डॉ. चेतन जैन को फोन करके बुलाया और बिना व्यवस्था किए मेडिकल कॉलेज जाने का कारण पूछा तो डॉ. जैन ने जो जवाब दिया उसे सुनकर डॉ. सरगरा भी स्तब्ध रह गए उन्होंने कहा, 'मुझे मेडिकल कॉलेज का काम करना है, आज के बाद में मेडिकल ज्यूरिष्ट का काम नहीं करूंगा। इस बारे में जब डॉ. जैन से बात की गई तो उनका कहना था कि मैं काम करूंगा या नहीं, यह में पीएमओ को बता दूंगा।
बिना व्यवस्था किए दोनों ज्यूरिष्ट रहे गायब
महात्मा गांधी चिकित्सालय में मृतकों के पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बना रखा है। पेनल में डॉ.चेतन जैन, डॉ. वीडी शर्मा व डॉ. असलम मंसूरी शामिल है। शुक्रवार को डॉ. वीडी शर्मा के अवकाश पर थे। डॉ. चेतन जैन व डॉ. असलम मंसूरी को ही पोस्टमार्टम कार्रवाई करनी थी। लेकिन दोनों चिकित्सक वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना ही सांगानेर मेडिकल कॉलेज में चले गए। पीछे परिजन दोपहर तक परेशान होते रहे।
प्रिंसिपल से करेंगे बात
मेडिकल ज्यूरिष्ट डॉ. चेतन जैन अपनी जिम्मेदारी अन्य चिकित्सक को सौंपे बिना सांगानेर मेडिकल कॉलेज चले गए। उनके द्वारा अन्य को जिम्मेदारी नहीं सौंपने से काफी अव्यवस्था हुई है। यह मामला प्रशासन तक पहुंच गया। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश पाठक से बात करेंगे।
डॉ. एसपी आगीवाल, प्रमुख चिकित्साधिकारी एवं अधीक्षक मेडिकल कॉलेज
Published on:
28 Apr 2018 11:35 am
