8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आपणी लाडो बनी सरकार की लाडली

राजस्थान में शिक्षा से वंचित, ड्रॉपआउट लाडो के फिर से दिन फिरने वाले। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, ड्रॉपआउट बालिकाओं को फिर से शिक्षा से जोडऩे को लेकर सरकार की ओर से 'आपणी लाडोÓ कार्यक्रम शुरू किया है। इस पर प्रदेश के स्कूलों पर एक करोड़ 71 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Narendra Kumar Verma

•

Updated: 4 Aug 2023, 7:07 PM IST

आपणी लाडो बनी सरकार की लाडली

आपणी लाडो बनी सरकार की लाडली

बालिकाओं को स्कूलों से जोडऩेे, ठहराव सुनिश्चित करने के लिए रैली, सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए जाएंगे। बालिकाओं को स्कूलों से जोडऩे, ठहराव सुनिश्चित करने के लिए रैली, सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए जाने की मुहिम शुरू कर दी गई है।


बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, ड्रॉपआउट बालिकाओं को फिर से शिक्षा से जोडऩे को लेकर सरकार की ओर से जारी की गई राशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को सिर्फ 250 रुपए प्रदान किए जाएंगे। राज्य स्कूल शिक्षा परिषद ने इतनी राशि में जागरूकता कार्यक्रम करवाने के निर्देश जारी किए हैं।


राज्य के समस्त जिलों के सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रैली एवं एसएमसी, एसडीएमसी की बैठक आयोजित की जाएगी। रैली से एक दिन पूर्व ही बच्चों को रैली के आयोजन एवं उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी जाएगी। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की ब्रांड एंबेसडर टोक्यो पैरा ओलम्पिक में स्वर्ण पदक विजेता अवनि की सफलता की कहानी का वृत्तांत भी बताया जाएगा। रैली में विद्यालय के सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक भाग लेंगे। अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।


एक ओर सरकार ने आपणी लाडो के लिए अभियान शुरू किया है, दूसरी ओर प्रदेश की लाडो को अभी तक साइकिल नहीं मिल पाई है। ऐसे में राजकीय विद्यालयों में पढऩे वाली बेटियों को पैदल ही स्कूल जाना पड़ रहा है। बेटियों के लिए सरकार नित नए नवाचार कर रही है लेकिन पूर्व की योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं पर सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश की साढ़े तीन लाख बेटियों को साइकिल का इंतजार है।

चित्तौडग़ढ़ के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार दशोरा बताते है कि आपणो लाडो अभियान से जागरुकता आएगी, इससे शिक्षा से वंचित बालिकाओं को फिर से शिक्षा से जुड़ेगी। बजट का जो मामला है वह सरकार तय करती हैं।