
एटीएस के हत्थे चढ़े भानुप्रतापसिंह की हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपित और शार्प शूटर सूरजसिंह भदौरिया के लिए भीलवाड़ा की जिला कारागार सुरक्षित नहीं मानी जा रही है। रिमाण्ड अवधि समाप्त होने के बाद उसे माण्डलगढ़ उपकारागार दूर जिला कारागार में रखना भी जेल प्रशासन सुरक्षा की दृष्टि से मुनासिब नहीं समझ रहा है।
भदौरिया के आनंदपाल से सम्पर्क में आने से उसे अजमेर की हाई सिक्युरिटी जेल भेजने पर विचार चल रहा है। इसके लिए भीलवाड़ा जेल प्रशासन पुलिस महानिदेशक (जेल) से वार्ता कर रहा है। बिजौलियां थाना पुलिस ने भदौरिया को चार दिन के रिमाण्ड पर ले रखा है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। अगर भदौरिया को जेल भेजा जाता है तो थाना क्षेत्र की जेल माण्डलगढ़ उपकारागार लगती है।
सुरक्षा के लिहाजे से उपकारागार में नहीं रखा जा सकता। लेकिन भीलवाड़ा रखने पर जिला कारागार की सुरक्षा बढ़ाना सम्भव नहीं है। पहले से स्टाफ की कमी है और संसाधनों का टोटा है।
साथियों को भेजा अजमेर
भानुप्रतानसिंह की हत्या में शामिल कोटा के कुख्यात गैगस्टर शिवराजसिंह और उसके साथी के पूर्व में पकड़े जाने के बाद उनको भी जिला कारागार में रखने से जेल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए थे। उसके बाद उनको अजमेर जेल भेजा गया। वहां से बाद में जोधपुर जेल भेज दिया गया था। भानुप्रताप मामले में जब भी अदालत में पेशी होती है। उनको कड़ी सुरक्षा के बीच उनको भीलवाड़ा लाया जाता है। थाने से थाने एस्कॉर्ट की जाती है।
पहले से सुरक्षित नहीं भीलवाड़ा जेल
भीलवाड़ा जिला कारागार सुरक्षा की दृष्टि से महफूज नहीं है। सबसे पहले शहर के बीच में जेल आ रही है, तीनों ओर ओवरब्रिज से घिरी हुई है। यहां हार्डकौर, कुख्यात और गैंगस्टर के पकड़ में आने के बाद उनको बाहर भेजा जाता है। यहां इस तरह के अपराधियों के लिए अलग से सेल भी नहीं है।
नहीं रख सकते भीलवाड़ा जेल में
भानुप्रताप हत्याकाण्ड के मामले में गिरफ्तार आरोपित सूरजसिंह को सुरक्षा की दृष्टि से भीलवाड़ा जेल में नहीं रखा जा सकता। अजमेर जेल भेजने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता चल रही है।
-सुमन मालीवाल, जेल उपाधीक्षक, भीलवाड़ा
Published on:
02 Aug 2016 09:21 am
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