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खनन क्षेत्र में विख्यात भीलवाड़ा अब सिलिकोसिस में भी आगे

16 हजार से अधिक रोगी की जांच, 1580 सिलिकोसिस रोगी सामने आए

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Bhilwara, famous in the mining sector, is now also ahead in silicosis

Bhilwara, famous in the mining sector, is now also ahead in silicosis

भीलवाड़ा।
bhilwara further in silicosis जिले के बिजोलिया से निकलने वाले सेंड स्टोन, आसीन्द के ग्रेनाइट व क्वाट्र्स फेल्सफार तथा आयरन और तथा लैड जिंक के नाम से विख्यात है। जिला खनन, रोजगार और अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाला है उतना ही मौत का सौदागर भी बनता जा रहा है। इस व्यापार का उजला पक्ष समृद्धि और श्रमिकों की आजीविका के रूप सामने है। जबकि दूसरा काला पक्ष सिलिकोसिस बीमारी की शक्ल में उभरता जा रहा है। इस बीमारी को काबू करने के लिए भली ही सरकार ने लाख दावे किए, लेकिन धरातल पर सब फेल हैं। मरीजो को पूरा उपचार नहीं मिल रहा है तो सिलिकोसिस कार्ड बनाने के नाम पर खुला खेल खेला जा रहा है। इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे है, लेकिन ऐसी कारगुजारिया खास बात यह है कि खनन क्षेत्रों में उड़ते सिलिका के जानलेवा कण इसकी पोल खोल रहे है।

Bhilwara further in silicosis बिजौलिया के सेंड स्टोन ने विश्व ख्याती पाई है। लेकिन इसी पत्थर के खनन ने कई लोगों को जिंदगी भर का जख्म भी दिया है। कई मरीज सिलिकोसिस पीडि़त के रूप में चिह्नित हैं। अन्य मरीज को टीबी दवा देकर ही चिकित्सा महकमा इतिश्री कर लेता है। अवैध होते हुए भी जिले में धड़ल्ले से हो रही ड्राइ ड्रिलिंग इसका मुख्य कारण है। सरकारी दावा तो 10 से 20 प्रतिशत ड्राई ड्रिलिंग का है, लेकिन हकीकत यह है कि आंकड़ा 75 प्रतिशत से भी अधिक है। इसी कारण लगातार सिलिकोसिस के मरीज सामने आ रहे हैं।

सांसों में ऐसे घुल रहा जहर
खनन क्षेत्र में ड्राई ड्रिलिंग पर प्रतिबंध है, लेकिन हकीकत यह है कि कई खदानों पर पानी की उपलब्धता ही नहीं है। इसके कारण अवैध रूप से ड्राई ड्रिलिंग हो रही है। ऐसे में हर क्षण खदानों से निकलने वाले सिलिका के कण मजदूरों के फेफड़ों को बीमार कर रहे हैं।

१६ हजार ५०० की जांच
चिकित्सा विभाग की ओर से अब तक जिले में २१९ शिविर लगाकार १६ हजार ५०० रोगियों की जांच की गई। इसमें से अब तक १५८० सिलिकोसिस पीडि़त सामने आए है। खास बात यह है कि इनकी संख्या लगातार सामने आ रही है। जबकि यह अभियान वर्ष २०१५ से चल रहा है। वर्ष २०१५ में १०२, २०१६ में ९६२, २०१७ में २४४, २०१८ में ७७ तथा इस वर्ष अक्टूबर २०१९ तक १९५ रोगी सामने आए है। १५८० सिलिकोसिस पीडि़त की जांच के लिए अब तक सिलिकोसिस बोर्ड की १६१ बैठके हो चुकी है।

आज से जिले में लगेंगे फिर शिविर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मुस्ताक खान ने बताया कि सिलिकोसिस रोगियों की जांच के लिए जिले भर में सोमवार से शिविर लगाए जाएंगे। इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए है। आदेश के अनुसार १८ नवम्बर को मांडलगढ़, १९ को बनेड़ा, २० को मांडल, २१ से २३ तक बिजौलिया सामुदायिक केन्द्र में शिविर आयोजित होगा।
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