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Bhilwara news : मकान भले ही आज बनाया हो, यूडी टैक्स जुलाई-2007 से ही देना होगा

- निगम ने टैक्स वसूली के लिए जारी कर रहा नोटिस....साक्ष्य के अभाव में होगी वसूली - वर्ष 2024-25 के लक्ष्य 8.10 करोड़, वसूली हुई अब तक रिकार्ड 3.88 करोड़

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Even if the house is built today, UD tax will have to be paid from July 2007

Even if the house is built today, UD tax will have to be paid from July 2007

Bhilwara news : नगर निकाय को राज्य सरकार से मिलने वाली ग्रांट राशि में किसी तरह की कटौती न हो इसके लिए नगर निगम मकान व दुकान मालिकों को वर्ष-2007 से यूडी टैक्स जमा कराने के लिए नोटिस जारी कर रहा है। ऐसे में मकान या दुकान का निर्माण भले ही आज हुआ हो, यूडी टैक्स 2007 से देना होगा। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि मकान व दुकान मालिक की ओर से साक्ष्य देने पर टैक्स की राशि को कम किया जा सकता है। लेकिन नियमों की जानकारी के अभाव में लोग नोटिस के अनुसार राशि जमा करा रहे है।

यह है प्रावधान

निगम पिछले कुछ माह से वर्ष-2007 से यूडी टैक्स के नोटिस जारी कर रहा है। आरसी व्यास निवासी रमेश कुमार ने बताया कि उसने मकान दो साल पहले बनाया था। नोटिस वर्ष-2007 से मिला। यह राशि जमा करवा दी। निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी का कहना है कि यूडी टैक्स के लिए नोटिस 2007 से जारी कर रहे है। स्वयं की जिम्मेदारी है कि वह सेल्फ एसेसमेंट करके राशि जमा कराए। स्वयं राशि जमा नहीं करता है तो थर्ड पार्टी निगम की ओर से वर्ष-2007 से नोटिस जारी किए जाते है। निगम को यह जानकारी नहीं होती है कि निर्माण कब हुआ। निर्माण का साक्ष्य देने पर नोटिस राशि में कटौती करते है।

कर वसूली के लिए पद रिक्त

निगम में यूडी टैक्स वसूली के लिए चार आरआइ, तीन एआरआइ के पद रिक्त है। फिर भी इस वित्तीय वर्ष में 3.88 करोड़ की वसूली हो चुकी है। जो पिछले साल से 1.48 करोड़ अधिक है। वर्ष 2023-24 में 2 करोड़ 41 लाख 72 हजार की वसूली हुई थी।

  • ये आते है दायरे में
  • आवासीय
  • 300 वर्ग गज के बराबर या अधिक
  • व्यावसायिक
  • 100 वर्ग गज के बराबर या अधिक

कर वसूली की वर्षवार स्थिति

वर्ष वसूली गई राशि

  • 2007-08 1,49,045
  • 2008-09 6, 57,025
  • 2009-10 12, 43,861
  • 2010-11 24, 08,979
  • 2011-12 35, 80,027
  • 2012-13 56, 97,823
  • 2013-14 51,15,854
  • 2014-15 20,88,704
  • 2015-16 38,82,828
  • 2016-17 23,17,393
  • 2017-18 1,56,81,984
  • 2018-19 79,65,861
  • 2019-20 92,90,073
  • 2020-21 1,14,19,900
  • 2021-22 90,59,765
  • 2022-23 1,48,25,684
  • 2023-24 2,41,72,000
  • 2024-25 3,88,10,532