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बोरेला सरपंच ने फर्जी दस्तखत से बनवाया जाति प्रमाण पत्र

पटवारी ने दर्ज कराया थाने में मामला

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Borella Sarpanch got caste certificate made by fake signature in bhilwara

Borella Sarpanch got caste certificate made by fake signature in bhilwara

भीलवाड़ा।
आसीन्द क्षेत्र में बोरेला के नवनिर्वाचित सरपंच के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने का मामला दर्ज किया गया। हलका पटवारी ने आसींद थाने में मामला दर्ज कराया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा से जांच करने को कहा था। आरोप है कि बोरेला के जोधा का खेड़ा निवासी कंचन पुत्री हरदेव गुर्जर ने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र प्राप्त कर इस वर्ग के लिए आरक्षित सीट से सरपंच का चुनाव लड़ा व निर्वाचित हुई।
उपखण्ड मजिस्ट्रेट शर्मा ने पुलिस उपाधीक्षक को पत्र लिखा कि तहसीलदार के अनुसार कंचन कोली पुत्री हरदेव कोली को जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के आवेदन पर पटवारी के हस्ताक्षर नहीं हैं। अन्य व्यक्ति ने फर्जी हस्ताक्षर कर प्रमाण पत्र जारी कराया। ऐसे में कंचन कोली पर मामला दर्ज किया जाए।
पुलिस ने बोरेला पटवारी लोकेश मीणा की रिपोर्ट पर कंचन कोली के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी आइपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया। जांच एएसआइ विजयसिंह को सौंपी है। मालूम हो, संविधान बचाओ संघर्ष समिति के मोतीलाल सिंघानिया ने शिकायत की थी कि कंचन गुर्जर ने नाम कंचन कोली बदलकर चुनाव लड़ा है। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने जांच के आदेश दिए।
परीक्षा व मतदाता सूची का हवाला
वर्ष 2015 में पास दसवीं बोर्ड परीक्षा में नाम कंचन गुर्जर पिता हरदेव गुर्जर तथा माता का नाम लाडू देवी लिखा। विधानसभा और पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में कंचन पिता हरदेव गुर्जर लिखा है।
वर्जन
नामांकन में लगाए दस्तावेज सही हैं। जनता ने जिताया है, जो विरोधियों को रास नहीं आ रहा। मुझे बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। मेरे राजस्व रिकॉर्ड में कंचन पुत्री हरदेव कोली दर्ज है। मैने कोई फर्जी प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है।
कंचन, सरपंच बोरेला
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अधिकारी बोले
तहसीलदार रामप्रसाद ने कहा, कंचन के जाति प्रमाण पत्र का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। पटवारी लोकेश मीणा ने कहा, १३ सितम्बर को जारी जाति प्रमाण पत्र पर न मेरे हस्ताक्षर है और न उस पर किसी तरह का मैंने नोट लगाया है। नोट पर मेरी राइटिंग नहीं है। प्रमाण पत्र तहसीलदार व एसडीएम के हस्ताक्षर के बाद जारी होता है। एसडीएम सीएल शर्मा ने कहा कि सोमवार को पटवारी ने बताया कि कंचन के प्रमाण पत्र पर उसके हस्ताक्षर नहीं है। पुलिस में मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।