budget 2021 -टफ अनुदान बढ़ाएं, बकाया का हो भुगतान

बजट से टेक्सटाइल कारोबारियों को आस

By: Suresh Jain

Published: 26 Jan 2021, 01:19 PM IST

भीलवाड़ा।
कोरोना के बाद पहला आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। इससे उद्योगों, बड़े और खुदरा व्यापारियों से लेकर आम जनता तक को बड़ी उम्मीदें हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इस बजट में कई सुधारों की घोषणा हो सकती है। वही टेक्सटाइल उद्यमियों ने पत्रिका के सामने बजट को लेकर अपनी उम्मीदें साफ की। कपड़ा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि टफ का अनुदान बढ़ाने के साथ बकाया अनुदान का बजट जारी किया जाए। जीएसटी में यार्न की दर करने की उम्मीद भी है।
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टेक्सटाइल उद्योग पर सर्वाधिक मार बिजली दरों की है। राज्य सरकार को चाहिए बिजली दरें कम करने के साथ प्रोत्साहन योजना लागू करें। केंद्र सरकार टफ अनुदान का बकाया जल्द जारी करे ताकि उद्यमियों को राहत मिल सके।
संजय पेडिवाल, अध्यक्ष, सिन्थेटिक्स विविंग मिल्स एसोसिएशन
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नई टफ योजना की जल्द घोषणा हो। पुरानी टफ योजना में बकाया अनुदान सबको मिले। ईपीसीजी स्कीम को दो साल और बढ़ाया जाए ताकि मशीनों का आधुनिकीकरण हो सके। राज्य सरकार को कैपिटल सब्सिडी लागू करनी चाहिए।
साबीर खान, महासचिव सिन्थेटिक्स विविंग मिल्स एसोसिएशन
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वर्ष 2020 में कंपनी एक्ट में इनकम टैक्स की नई कंपनी पर रेट दर कम की थी। वह उससे पहले जो पुरानी कंपनियां काम कर रही है, उस पर लागू नहीं की है। हमारी मांग है कि पुरानी कंपनियों पर भी वही स्ट्रक्चर लागू किया जाए।
रमेश अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सिन्थेटिक्स विविंग मिल्स एसोसिएशन
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मेन मेड यार्न पर जीएसटी 12 व इससे बने कपड़े पर 5 प्रतिशत है। कपड़े में जीएसटी रिफंड लेना पड़ता है। इससे श्रम एवं शक्ति का नुकसान व कार्यशील पूंजी ब्लॉक रहती है। मेन मेड यार्न पर 5 प्रतिशत जीएसटी कर इससे बच सकते हैं। सरकार को राजस्व नुकसान नहीं होगा। उद्यमी रिफंड में लगने वाले समय को उत्पादन में उपयोग कर सकेगा।
महेश हुरकट, अध्यक्ष लद्यु उद्योग भारती
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यूरो व डालर की कीमत बढऩे से रुपया कमजोर हो रहा है। केन्द्र को टफ अनुदान बढ़ाकर १५ से २० प्रतिशत करना चाहिए। ताकि टेक्सटाइल मशीनों का आधुनिकीकरण का काम जारी रह सके।
अतुल शर्मा, एमडी कलर्स एयरजेट
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एक देश एक टैक्स प्रणाली से व्यापार सुगम हुआ। केंद्र से उम्मीद है कि एक देश एक विद्युत दर करें ताकि व्यापार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो। राजस्थान में पहले से ही महाराष्ट्र से दुगुनी बिजली की दरें ंहै। इसे कम किया जाना चाहिए।
कृष्ण कुमार जिन्दल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लघु उद्योग भारती
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मनरेगा के कारण अब उद्योगों को श्रमिक मिलने कम हो गए। कुछ स्थानों पर मनरेगा कार्यों की उत्पादकता कम है। ऐसे में मनरेगा की सहयोग राशि उद्योगों से जोड़ी जाए तो श्रमिक को काम व उद्योगों को श्रमिक मिल सकेंगे। उद्योगों की लागत भी घटेगी।
अजय मून्दड़ा, उद्यमी
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भीलवाड़ा में औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है। इससे नए उद्योग नहीं लग पा रहे हैं। लंबे समय से रीको ने नए औद्योगिक क्षेत्र की योजना नहीं बनाई है। शीघ्र नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने चाहिए।
रामकिशोर काबरा, उद्यमी
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डिस्कॉम से स्वीकृत लोड का 80 प्रतिशत ही सोलर प्लांट लगाने की बंदिश हटाई जाए। सरकार नेटमिटरिंग सिस्टम बंद करने की प्रक्रिया में है। उद्यमी को फैक्ट्री में उत्पादित सोलर ऊर्जा नाम मात्र भाव से डिस्कॉम को देनी होगी और स्वयं की उत्पादित उर्जा पुन: डिस्कॉम से ऊंचे भाव से खरीदनी होगी, यह निर्णय अनुचित है।
अनूप बागडोदिया, सचिव लद्यु उद्योग भारती
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निर्यात बढ़ावे के लिए एयर कनेक्टिविटी होनी चाहिए। भीलवाड़ा व चित्तोडग़ढ़ के उद्योगों को फायदा होगा। रीको ने रिटेंशन चार्ज में 31 दिसम्बर 2020 तक 50 प्रतिशत तक छूट दी। कोरोना की वजह से इतने कम समय मे काफी उद्यमी इसका लाभ नहीं ले सके। इस छूट को 31 दिसम्बर 2021 तक बढ़ाएं।
संजीव चिरानिया, उद्यमी
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सरकार बजट में महिलाओं को उद्योग और व्यापार चालू करने के लिए बैंक लोन एवं टैक्स में छूट दें और भूमि खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाए। इससे महिलाएं अपना बिजनेस चालू कर सके और आत्मनिर्भर बन सकें।
विमला मुनोत, अध्यक्ष लद्यु उद्योग भारती महिला इकाई
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सरकार को रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए। युवाओं के लिए शिक्षा से रोजगार तक की घोषणाएं होनी चाहिए। कोरोना के कारण कई युवाओं की नौकरियां चली गई और फीस न भर पाने से पढ़ाई छूट गई। एेसे युवाओं को राहत दी जाए।
राजकुमार मैलाना, उद्यमी

Suresh Jain Reporting
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