
Compensation for losses in crops in bhilwara
भीलवाड़ा।
जिले की पांच तहसीलों के 693 गांवों में वर्ष 2016-17 के सूखे का अकाल है। इन गांवों में करीब ढाई लाख किसान प्रभावित है, जिन्हें मुआवजा देना है। प्रशासन की ढिलाई की वजह से प्रभावित किसानों की सूचियां समय पर नहीं पहुंच सकी। इसका नुकसान यह है कि आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग ने केवल 11 हजार किसानों के लिए 03 करोड़ 49 लाख रुपए का बजट दिया है।
हालात यह है कि करीब ढाई लाख किसान एेसे है जो सूखे से प्रभावित है। इन्हें मुआवजा मिलना है। इनके खेतों में फसलों का नुकसान हुआ था। अब पटवारी व तहसीलदार को इनके खराबे की रिपोर्ट तैयार कर जिला कलक्टर को भेजनी थी। इस काम को इन्होंने समय पर पूरा नहीं किया। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। अभी आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग ने पांच तहसील शाहपुरा, फूलिया, मांडलगढ़, जहाजपुर कोटड़ी प्रभावित है। इनमें से केवल शाहपुरा, फूलिया व कोटड़ी का ही मुआवजा दिया है।
बाकी तीन तहसीलों के किसानों की सूचियां पूरी नहीं आई है। कुल ढाई लाख किसान प्रभावित है इसमें से केवल 60 हजार किसानों की सूचियां ही आई है। इसमें दस हजार का मुआवजा आया जबकि 50 हजार किसानों की सूचियों की जांच चल रही है।
सांसद बहेडिय़ा ने वित्त मंत्री को बताई समस्या
भीलवाड़ा सांसद सुभाष बहेडिय़ा ने कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल से जीएसटी को लेकर कपड़ा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की मांग की। सांसद ने बताया कि उन्होंने गोयल को बताया कि जॉब पर काम करने वाले कपड़ा उद्यमियों को आईटीसी 04 भरने में परेशानी आ रही है। यह फार्म न भरने से उद्यमियों को रिफण्ड भी नहीं मिल रहा है। गोयल ने बहेडिय़ा को बताया कि आईटीसी-04 के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। जल्द ही जॉबवर्क पर कपड़ा बनाने वाले उद्यमियों को राहत प्रदान की जाएगी। सरकार उद्यमियों की समस्याएं दूर करेगी।
Published on:
26 Jul 2018 02:36 pm
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