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कोरोना वायरस ने फिर बदला अपना रंग

6 तरीकों से कर रहा है व्यक्ति को संक्रमित

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Corona virus changed its color again in bhilwara

Corona virus changed its color again in bhilwara

भीलवाड़ा।
कोरोना वायरस भले ही वायरस है लेकिन ये 6 तरीके से लोगों को संक्रमित कर रहा है। जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा २२०० तक पहुंच गया। लेकिन अब भी कोरोना अपना रंग बदल रहा है। कुछ लोगों में इसके हल्के लक्षण दिखते हैं, तो कई लोगों में गंभीर जानलेवा साबित हो रहे है। कई लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद कोई लक्षण नहीं दिखते। कोरोना वायरस का असर मरीज के ठीक हो जाने के बावजूद लंबे समय तक रहता है। महात्मा गांधी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि पिछले १०-१५ दिनों से एसिम्टोमैटिक से ज्यादा सिम्टोमैटिक मरीज आने लगे है।
पहला: बिना बुखार के फ्लू जैसा संक्रमण
ये कोरोना का सबसे हल्के लक्षण हैं। इस तरह के लक्षण ऊपरी श्वास में परेशानी के कारण होते हैं। इससे पीडि़त लोगों में सर्दी, गले में खराश, बंद नाक, सीने में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सूंघने में परेशानी और सिरदर्द के लक्षण नजर आते है। जबकि ऐसे लोगों में बुखार नहीं देखा गया।
दूसरा: बुखार के साथ फ्लू जैसा संक्रमण
इस श्रेणी से संबंधित रोगियों में हल्के फ्लू जैसे संक्रमण के लक्षण होने के साथ-साथ लगातार बुखार और भूख न लगना भी शामिल है। आवाज में कर्कशता, जो सूखी खांसी या कोविड-19 की वजह से होती है।
तीसरा: गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण
मरीजों को ऐसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है जो उनके पाचन और जठरांत्र संबंधी कार्य को प्रभावित करते हैं। हालांकि इससे मरीजों में खांसी एक प्रमुख लक्षण नहीं था, लेकिन जी मचलाना, भूख न लगना, उल्टी, दस्त जैसे लक्षण देखे गए। सिर दर्द और सीने में दर्द भी देखा गया।
चौथा: कमजोरी के साथ गंभीर लक्षण
मरीजों में कमजोरी इम्यूनिटी के धीमे होने पर थकावट महसूस होना, जैसे लक्षण देखे गए। इस तरह के लक्षण कोरोना वायरस के गंभीर मामले की चेतानवी माने जाते हैं। इस श्रेणी में रोगियों को थकान, सिरदर्द, गंध और स्वाद की हानि, गले में खराश, बुखार और सीने में दर्द जैसे लक्षणों से गुजरना पड़ता है।
पांचवां: भ्रम की स्थिति के साथ गंभीर लक्षण
कई मरीज ज्यादा गंभीर रूप के लक्षण जैसा होता है। इसमें लक्षण तंत्रिका कामकाज को प्रभावित करते हैं और इसे स्थाई प्रभाव की शुरुआत माना जाता है। इसका असर सीधा दिमाग पर पडता है। सिर दर्द, सूंघने में परेशानी, भूख न लगना, खांसी, बुखार, कर्कश, भ्रम की स्थिति, गले में खराश, सीने में दर्द, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण आम हैं।
छठा: पेट और सांस की तकलीफ के साथ गंभीर लक्षण
इसमें सबसे खतरनाक और गंभीर प्रकार के लक्षण होते हैं। जो पहले हफ्तों में लोगों में देखे जाते हैं। इसमें मरीज गले में खराश, लंबे समय से बुखार, भूख न लगना, सिरदर्द, दस्त, सांस की तकलीफ, मांसपेशियों और पेट में दर्द जैसे लक्षणों का अनुभव करते हैं। इस तरह के लक्षण वाले लोगों को तुरन्त अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। यहां तक कि वेंटिलेशन और ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत भी पड़ सकती है।