
coronavirus mp : चंबल में नहीं थम रहा है कोरोना वायरस का कहर, लोगों में मची दहशत
भीलवाड़ा। कोरोना वायरस पॉजिटिव रोगियों के कारण चर्चा में भीलवाड़ावासियों से अन्य लोग अब दूरी बनाने लगे हैं। ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें यहां के लोग बाहर गए तो उनके लिए दरवाजे ही नहीं खुले। भीलवाड़ा से आने का नाम सुनकर प्रशासन को नाम देकर पूरी जांच करा दी।
राजस्थान में अब तक भीलवाड़ा में सर्वाधिक 24 कोरोना पॉजिटिव रोगी मिले हैंं। दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। सुबह राशन लेने की बात हो या सब्जी लने की, कुछ लोग कर्फ्यू की अवहेलना कर रहे हैं।
कुछ लोग ऐसे हैं जो सामान्य दिनों में भले ही फल नहीं खाते, लेकिन इन दिनों लाइन में लगकर फल खरीद रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे हैं जा माहौल देखने बाहर निकल रहे हैं। उन्हें सोचना होगा कि यही सिलसिला चला तो भीलवाड़ा में और विकट स्थिति हो जाएगी।
भीलवाड़ा के बृजेश बांगड़ अस्पताल में भर्ती दूसरे दूसरे जिले के लोगों के कारण वहां भी खतरा बढ़ गया है। आसपास के जिले के लोगों ने इस अस्पताल में इलाज करवाया है। ऐसे में वे अपने जिले में पहुंचते हैं तो प्रशासन की उन पर विशेष नजर रहेगी।
केस एक
रावतभाता परमाणु बिजलीघर इकाई में एक कर्मचारी अपने परिवार सहित वहां गया। वहां गेट पर पहुंचते ही भीलवाड़ा का नाम सुनकर चौकीदार ने कंपनी को सूचित कर दिया। वहां से चिकित्सा प्रशासन को बुलाया और उनको ले गए। पूरी जांच कर उन्हें आइसोलेट कर दिया गया।
केस दो
भीलवाड़ा के पथिकनगर का एक परिवार कोरोना संक्रमण को देखते हुए सवाई माधोपुर अपने ससुराल गया। जैसे—तैसे यहां से पहुंच गए, लेकिन सवाईमाधोपुर की सीमा पर रोक लिया गया। वहां रोककर चिकित्सा विभाग ने जांच शुरू कर दी। दो दिन जांच के बाद प्रमाण पत्र बन सके।
Published on:
28 Mar 2020 06:22 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
