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डेयरी ने 35 दिन में कम किए घी के दाम, पुराने स्टॉक को समाप्त करने में लगी है आरसीडीएफ

पुराने घी के स्टॉक को समाप्त करने के लिए 35 दिनों में ही दूसरी बार 15 किलोग्राम के टीन पैक में 915 रुपए कम कर दिए
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Dairy reduces the prices of Ghee in 35 days in bhilwara

Dairy reduces the prices of Ghee in 35 days in bhilwara

भीलवाड़ा।

राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन (आरसीडीएफ) ने प्रदेश की डेयरियों में पड़े आठ माह पुराने घी के स्टॉक को समाप्त करने के लिए 35 दिनों में ही दूसरी बार 15 किलोग्राम के टीन पैक में 915 रुपए कम कर दिए है। आरसीडीएफ ने इससे पहले 7 जून को करीब एक टीन पर 300 रुपए तथा अब 615 रुपए कम कर दिए है। इसके पीछे मुख्य कारण दिसम्बर व जनवरी के स्टोर पडे घी को समाप्त करना है। इसके चलते व्यापारियों के लिए भी विशेष स्कीम निकाली है। इसमें ५ टन एक साथ घी यानी 3335 टीन की खरीद करता है तो मात्र 48 सौ रुपए प्रति टीन पैक की दर से ले सकेगा।


माना जा रहा है कि घी के उपयोग की समय सीमा खत्म होती देख आरसीडीएफ ने आठ माह पुराने घी की कीमतों में अप्रत्याशित कमी कर दी है। व्यापारियों के लिए जहां पुराने घी में करीब 975 तथा आम उपभोक्ताओं के लिए 615 रुपए 15 किलो के टीन में छूट दी है। डेयरी की स्टॉक शाखा के अनुसार भीलवाड़ा में जनवरी माह में पैक किया करीब सौ से दो सौ मैट्रिक टन घी पड़ा है। इससे पहले का पुराना घी गत माह बाजार में सप्लाई किया था। इसके बाद भी घी की खपत नहीं हुई। घी के उपयोग की सीमा उत्पादन तिथि से नौ माह तक की होती है। घी के उपयोग की समय सीमा नजदीक आते देख अब कीमतों में भारी कमी की गई है।

भीलवाड़ा में लगभग 600 टन घी का स्टॉक पड़ा है। जबकि हर माह 150 टन की खपत होती है। 50 मैट्रिक टन व इससे अधिक घी खरीदने वालों को दिसम्बर 2017 और जनवरी 2018 में उत्पादित 15 किलोग्राम पैकिंग 975 रुपए प्रति टिन की छूट दी जाएगी। इसी तरह आम उपभोक्ताओं के लिए 615 रुपए प्रति टिन की छूट दी गई है। उन्हें 344 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान करना होगा। ७ जून को टीन की दर 6075 रुपए थी। वह घटकर 5775 हो गई थी। अब 5160 कर दी गई है।


देसी घी पर जीएसटी के साथ मण्डी टैक्स भी

व्यापारियों का कहना है कि एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद भी देसी घी पर 1.60 रुपए प्रति सैकड़ा मण्डी टैक्स वसूला जा रहा है। जबकि जीएसटी में 12 प्रतिशत टैक्स चुकाना पड़ रहा है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं पर टैक्स की दोहरी मार पड़ रही है।

डेयरी के विपणन अधिकारी अरविन्द गर्ग ने बताया कि मण्डी शुल्क समाप्त हो जाए तो लगभग ५ रुपए प्रतिकिलोग्राम घी और सस्ता हो सकता है। मण्डी व्यापारी रामसिंह चुण्डावत ने बताया कि मण्डी शुल्क जीएसटी से पहले लग रहा था। लेकिन व्यापारी अब इसे हटाने की मांग कर रहे है।

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