5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

वन्यजीवों के लिए खतरा बने बिना मुंडेर के कुएं, लाखोला के पास कुएं में गिरे पैंथर की मौत

https://www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Google source verification
Death of Panther in the well in bhilwara

Death of Panther in the well in bhilwara

भीलवाड़ा/ गंगापुर।

बिना मुंडेर के कुएं वन्यजीवों तथा आम लोगों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। इन कुओं में गिरने से वन्यजीवों सहित लोगों की जान भी जा चुकी है। जिले में कई जगह ऐसे कुएं बने हुए हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। अधिकतर खेतों और सड़क के किनारे बने इन कुओं में गिर कर कई वन्यजीव काल का ग्रास बन चुके हैं। रविवार को भी लाखोला के पास बिना मुंडेर के कुएं में गिरने से एक पैंथर की मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे वन विभाग की टीम ने रेसक्‍यूू कर पैंथर को कुएं से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम करवाया।

लाखोला के पास बिना मुंडेर के कुएं में गिरने से पैंथर की मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने पैंथर के शव को कुएं से निकलवा पोस्टमार्टम कराया। पैंथर पानी की तलाश में भटकता हुआ शनिवार को लाखोला के देवीलाल जाट के खेत पर स्थित बिना मुंडेर के कुएं में गिर गया। देवीलाल के परिजन रविवार को खेत पर गए तो पैथर का शव कुएं में देखा। सूचना पर क्षेत्रीय वन अधिकारी भगवत सिंह के नेतृत्व में सहायक वनपाल डालूदास, बालूदास व वन रक्षक नेपाल सिंह पहुंचे व ग्रामीणों की मदद से पैंथर के शव को कुएं से निकाल गंगापुर पशु चिकित्सालय लाए। जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया।


बारिश के मौसम में दिखाई नहीं देते

बारिश के मौसम में बिना मुंडेर के कुएं दिखाई नहीं देते। इन कुओं की मुंडेर के आस-पास लंबी घास उग जाने के कारण यह पूरी तरह से ढंक जाते हैं और नजर नहीं आते। भोजन की तलाश में निकले वन्यजीव इन कुओं में गिर जाते हैं। आबादी क्षेत्रों में तो जानकारी मिलने पर रेस्क्यू कर उन्हें बचा लिया जाता है, लेकिन आबादी रहित क्षेत्रों में अक्सर वन्यजीवों की मौत हो जाती है।

बड़ी खबरें

View All

भीलवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग